भोकर में स्टेट बैंक लूटने की कोशिश नाकाम, गांव वालों ने पीछा कर तीन को पकड़ा
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जलगांव तालुका के भोकर में शनिवार दोपहर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में हथियारबंद लूट की कोशिश हुई। गांव वालों की चौकसी से पांच संदिग्ध पुलिस के कब्जे में हैं।
जलगांव तालुका के भोकर गांव में शनिवार दोपहर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में हथियारबंद लूट की कोशिश हुई, जिससे पूरे जिले में सनसनी फैल गई। गांव वालों की चौकसी की वजह से यह कोशिश नाकाम रही। पुलिस ने इस मामले में पांच संदिग्धों को अपने कब्जे में लिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक सात से आठ लोगों की एक टोली बैंक पर कुछ समय से नजर रख रही थी। इनमें से कुछ नौजवान चादरें बेचने के बहाने गांव में घूम रहे थे। लोगों ने उन्हें घूमते देखा था, पर चादर बेचने वाले समझकर किसी ने उन पर खास ध्यान नहीं दिया। बाद में पता चला कि इसी वेश में बैंक लूटने की साजिश चल रही थी।
बताया गया है कि जब बैंक के कर्मचाओं का खाने की छुट्टी का वक्त हुआ, तब टोली अचानक बैंक में घुस गई। हाथों में हथियार थे और बंदूक दिखाकर उन्होंने बैंक के कर्मचारियों को एक जगह रोक लिया। अचानक हुई इस वारदात से कर्मचारी बुरी तरह घबरा गए। इसके बाद टोली ने स्ट्रॉन्ग रूम की ओर रुख किया।
जानकारी के मुताबिक स्ट्रॉन्ग रूम के लॉकर में रखे सोने के बिस्कुट और गहनों पर हाथ साफ करने की कोशिश हुई। हाथ में जितना कैश आए, उसे भी बैग में भरने का इरादा था। लेकिन इसी बीच बैंक के अंदर मचे हंगामे की खबर बाहर पहुंची और गांव वालों को शक हो गया।
जैसे ही लोगों को समझ आया कि चादर बेचने के बहाने घूम रहे नौजवान ही इस वारदात में शामिल हैं, उन्होंने उनका पीछा शुरू कर दिया। गांव वालों और संदिग्धों के बीच झूमाझटकी भी हुई। कुछ लोग भाग निकलने में कामयाब रहे, लेकिन तीन को गांव वालों ने पकड़कर रोक लिया और फिर पुलिस के हवाले कर दिया।
इसके बाद धरणगांव पुलिस ने कुछ ही घंटों में कार्रवाई करते हुए चावलखेड़ा रेलवे सुरंग के पास से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने नाकाबंदी की थी। इनमें शंकर रमेश जासक (42 साल, मूल निवासी मुक्ताईनगर, फिलहाल जलगांव में रहते हैं) और गजानन राजेंद्र पवार (32 साल, निवासी नायडोंगरी, तालुका नांदगांव, जिला नाशिक) के नाम सामने आए हैं।
पुलिस ने इन दोनों के पास से संदिग्ध बैग जब्त किए हैं। पुलिस को आशंका है कि इन बैगों में लूट का कैश या सोने के गहने हो सकते हैं। गांव वालों की मदद से पहले जिन तीन लोगों को पकड़ा गया था, उन्हें मिलाकर कुल पांच संदिग्ध पुलिस के कब्जे में हैं। पुलिस की पूछताछ जारी है, जबकि बाकी लोगों की तलाश की बात सामने आई है।
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