गुरूवार, 8 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
16:30 IST

इलॉन मस्क ने बच्चों के लिए खोला अपना स्कूल, ऑनलाइन क्लास की फीस सुनकर पालक हैरान

टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक इलॉन मस्क के स्कूल में न परीक्षा होती है, न नंबर मिलते हैं, और दो घंटे की क्लास की फीस 4,800 डॉलर है।

इलॉन मस्क ने बच्चों के लिए खोला अपना स्कूल, ऑनलाइन क्लास की फीस सुनकर पालक हैरान तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

टेस्ला और स्पेसएक्स जैसी कंपनियों के मालिक इलॉन मस्क को दुनिया का पहला ट्रिलियनर बनने की दौड़ में सबसे आगे बताया जाता है। अपनी बेहिसाब दौलत और अलग सोच की वजह से वे हमेशा चर्चा में रहते हैं। इस बार चर्चा उनके उस स्कूल की है, जो उन्होंने अपने बच्चों के लिए शुरू किया और जिसका मॉडल और भारी फीस जानकर दुनिया भर के पालक हैरान हैं।

मस्क का मानना है कि दुनिया की पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था बच्चों का भविष्य गढ़ने में पूरी तरह नाकाम रही है। इसी सोच के चलते उन्होंने अपने बच्चों को किसी आम या नामी स्कूल में भेजने के बजाय अपना स्कूल खोल लिया। यह स्कूल एक तरह से सीक्रेट रखा गया और आज भी दुनिया की नज़रों से दूर चलाया जा रहा है।

इलॉन मस्क ने 2014 में अपने बच्चों को पारंपरिक स्कूलों से निकाल लिया था। इसके बाद उन्होंने स्पेसएक्स के कैलिफोर्निया हेडक्वार्टर में एक बेहद प्राइवेट स्कूल शुरू किया, जिसका नाम रखा गया "अड एस्ट्रा"। यह लैटिन भाषा का शब्द है और इसका मतलब है "तारों की दिशा में"। शुरुआत में इस स्कूल में मुख्य रूप से मस्क के अपने बच्चे और स्पेसएक्स के चुने हुए कर्मचारियों के बच्चे पढ़ते थे। पारंपरिक विषयों की जगह यहां पूरी तरह आधुनिक दुनिया की पढ़ाई कराई जाती थी।

वक्त के साथ "अड एस्ट्रा" का दायरा बढ़ा और 2020 में इसे "अस्ट्रो नोवा" नाम से दुनिया भर के बच्चों के लिए खोल दिया गया। खास बात यह है कि यह कोई इमारत वाला स्कूल नहीं है। यह पूरी तरह वर्चुअल ऑनलाइन मॉडल पर चलता है। 10 से 15 साल की उम्र के बच्चों के लिए बने इस स्कूल में दुनिया के किसी भी कोने से बच्चे घर बैठे स्क्रीन के जरिए दाखिला ले सकते हैं।

अब फीस की बात। यह दुनिया की सबसे महंगी ऑनलाइन क्लासों में से एक है। "अस्ट्रो नोवा" में दो घंटे की क्लास की फीस 4,800 डॉलर तय की गई है, यानी भारतीय रुपयों में करीब 4 लाख रुपये। स्कूल के नियम के मुताबिक हर विद्यार्थी को कम से कम दो घंटे की क्लास के लिए नाम दर्ज कराना जरूरी है। विद्यार्थी अपनी जरूरत के हिसाब से ज्यादा से ज्यादा 16 घंटे तक की क्लास चुन सकते हैं। इसके लिए सालाना ट्यूशन फीस करीब 36,000 डॉलर बैठती है, यानी 30.25 लाख रुपये से ज्यादा।

पढ़ाने का तरीका भी अलग है। इस स्कूल में बच्चों को न कोई ग्रेड मिलता है, न नंबर, और पारंपरिक परीक्षा भी नहीं होती थी। मस्क का मानना है कि भाषा और संगीत जैसी चीजें सीखने में वक्त गंवाने के बजाय बच्चों में AI, कोडिंग, रोबोटिक्स और क्रिटिकल थिंकिंग की समझ डालनी चाहिए। यहां बच्चों को किताबी ज्ञान देने की जगह सिंथेसिस और एथिकल डिलेमा, यानी नैतिक उलझन, जैसी व्यावहारिक समस्याओं को सुलझाने की ट्रेनिंग दी जाती है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे