मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
15:22 IST

हुडकेश्वर में साइबर ठगी, बैंक अधिकारी बनकर 79 साल के बुजुर्ग से 8 लाख रुपये की धोखाधड़ी

हुडकेश्वर थाना क्षेत्र में एक अज्ञात साइबर ठग पर खुद को बैंक ऑफ इंडिया का अधिकारी बताकर 79 साल के बुजुर्ग के खाते से ऑनलाइन 8 लाख रुपये निकालने का आरोप है।

हुडकेश्वर में साइबर ठगी, बैंक अधिकारी बनकर 79 साल के बुजुर्ग से 8 लाख रुपये की धोखाधड़ी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। हुडकेश्वर थाना क्षेत्र में एक अज्ञात साइबर ठग ने खुद को बैंक ऑफ इंडिया का अधिकारी बताकर 79 साल के एक बुजुर्ग को निशाना बनाया। आरोप है कि ठग ने बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल कर ली और बुजुर्ग के खाते से ऑनलाइन 8 लाख रुपये निकाल लिए। शिकायत मिलने के बाद हुडकेश्वर पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक यह घटना बेसा के पिपला रोड पर बनी अथर्व नगरी-2 की हेरिटेज ए बिल्डिंग की है। 17 अक्टूबर को बुजुर्ग के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को बैंक ऑफ इंडिया का अधिकारी बताया और बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल कर ली।

आरोप है कि जानकारी मिलने के बाद साइबर ठग ने बुजुर्ग की जानकारी और अनुमति के बिना उनके बैंक खाते से ऑनलाइन 8 लाख रुपये निकाल लिए। जब बुजुर्ग को पता चला कि उनके खाते से इतनी बड़ी रकम निकल गई है, तब जाकर उन्हें धोखाधड़ी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के आधार पर हुडकेश्वर पुलिस ने धोखाधड़ी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपी की पहचान करने में जुटी है। इसके साथ ही ठगी की रकम के लेन-देन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस इस मामले की आगे जांच कर रही है।

साइबर ठग अक्सर बैंक अधिकारी बनकर लोगों से उनके खाते और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी निकलवा लेते हैं। इसलिए किसी भी अनजान कॉल पर ओटीपी, पासवर्ड या बैंक खाते की संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। अगर कॉल करने वाला खुद को बैंक अधिकारी बताए, तब भी उसकी पहचान बैंक के आधिकारिक माध्यम से जांच लेना जरूरी है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे