नागपुर में कथित AI वॉइस क्लोनिंग से 50 लाख की ठगी, साइबर पुलिस ने दर्ज किया मामला
शिकायत के मुताबिक जैन समाज के कन्हैयालाल पटवारी की आवाज की नकल कर दिल्ली में आपात स्थिति बताई गई और चांदनी चौक में 50 लाख रुपये नकद ले लिए गए।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नागपुर में साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर एआई वॉइस क्लोनिंग की मदद से 50 लाख रुपये हड़प लिए गए। शिकायत के मुताबिक ठगों ने जैन समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति कन्हैयालाल पटवारी की आवाज की हूबहू नकल उतारी और उसी के सहारे एक परिवार से मोटी रकम निकलवा ली। मामले में साइबर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत हिवरी ले-आउट के रहने वाले नितिन (42) ने दी है। उनके बताए अनुसार 26 सितंबर को उनके पिता निर्मल कुमार घर पर ही थे। उसी दौरान एक अनजान वाट्सएप नंबर से उनसे संपर्क किया गया। उस नंबर की प्रोफाइल तस्वीर में कन्हैयालाल पटवारी की फोटो लगी हुई थी।
आरोप है कि दूसरी तरफ से बात करने वाले ने एआई वॉइस क्लोनिंग तकनीक का इस्तेमाल करके पटवारी की आवाज की नकल की। उसने कहा कि दिल्ली में आपात स्थिति आ गई है और उसे तुरंत बड़ी रकम की जरूरत है। साथ ही भरोसा दिलाया गया कि नागपुर लौटते ही पैसे वापस कर दिए जाएंगे। चेहरा जाना-पहचाना था और आवाज भी जानी-पहचानी, इसलिए निर्मल कुमार को कोई शक नहीं हुआ।
बात को असली लेन-देन जैसा दिखाने के लिए आरोपी ने वाट्सएप पर दिल्ली के एक स्थान की लोकेशन भी भेजी। कुछ देर बाद उसे हटा दिया गया। रकम की फौरन जरूरत बताई जा रही थी, इसलिए निर्मल कुमार ने दिल्ली में अपने एक परिचित के जरिए पैसे पहुंचाने का इंतजाम कर दिया।
शिकायत में कहा गया है कि 26 सितंबर को ही शाम करीब 5 बजे दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में निर्मल कुमार की ओर से भेजे गए व्यक्ति से 50 लाख रुपये नकद ले लिए गए। बाद में जब ठगी का एहसास हुआ, तो नितिन ने पुलिस में शिकायत की।
साइबर पुलिस ने वाट्सएप पर संपर्क करने वाले, खुद को 'अंकित' नाम से बताकर नकदी लेने वाले और उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपियों की पहचान करने, रकम की बरामदगी और इस नेटवर्क में दूसरे लोगों की भूमिका की जांच में लगी है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है।
इस मामले में आरोप अभी जांच के दायरे में हैं। पुलिस की पड़ताल से ही साफ होगा कि आवाज की नकल किस तरह की गई और रकम आखिर किन लोगों तक पहुंची।