शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026

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23:07 IST

हॉकर्स का आरोप, नागपुर मनपा ने बिना लिखित सूचना तय कर दी आपत्तियों की आखिरी तारीख

टाउन वेंडिंग कमेटी के 8 निर्वाचित हॉकर प्रतिनिधियों ने कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर कहा कि उन्हें समय सीमा की कोई सूचना ही नहीं मिली।

हॉकर्स का आरोप, नागपुर मनपा ने बिना लिखित सूचना तय कर दी आपत्तियों की आखिरी तारीख तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

महाराष्ट्र सरकार 'पथ विक्रेता (आजीविका संरक्षण और पथविक्रय विनियमन) योजना 2026' का प्रारूप तैयार कर रही है। इसे लेकर नागपुर में हॉकर्स और मनपा प्रशासन के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है।

टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) के निर्वाचित 8 हॉकर प्रतिनिधियों ने मनपा प्रशासन के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कमिश्नर को एक तत्काल आपत्ति और ज्ञापन सौंपा है।

प्रतिनिधियों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना किसी आधिकारिक लिखित सूचना के अपनी मर्जी से आपत्तियों की आखिरी तारीख घोषित कर दी। अब यह कहा जा रहा है कि प्रशासन को कोई आपत्ति मिली ही नहीं। प्रतिनिधियों के मुताबिक जब उन्हें समय सीमा की कोई अधिकृत जानकारी दी ही नहीं गई, तो इसे 'हॉकर्स की सहमति' मान लेना पूरी तरह अन्यायपूर्ण और भ्रामक है।

प्रतिनिधियों की ओर से अब्दुल रज्जाक कुरेशी ने कहा कि वे शहर के हजारों पथ विक्रेताओं की नुमाइंदगी करते हैं। सरकार की नई नीति पर आपत्तियां और सुझाव दर्ज कराना उनका वैधानिक अधिकार है।

3 अक्टूबर को प्रशासन के हवाले से कहा गया था कि 30 सितंबर तक एक भी आपत्ति नहीं आई। इस पर प्रतिनिधियों ने कड़ा एतराज जताया। उनका सवाल है कि 30 सितंबर की आखिरी तारीख किस शासनादेश या प्रशासनिक आदेश से तय हुई। वे उस आदेश की प्रमाणित प्रति मांग रहे हैं।

उन्होंने और भी सवाल उठाए हैं। राज्य सरकार ने प्रारूप योजना मनपा को किस तारीख को भेजी? टाउन वेंडिंग कमेटी को यह कब मिली? और निर्वाचित 8 प्रतिनिधियों को समय सीमा की लिखित सूचना कब और किस माध्यम से भेजी गई?

प्रतिनिधियों ने साफ किया कि वे किसी भी प्रशासनिक या सरकारी प्रक्रिया का विरोध नहीं कर रहे। वे संविधान और पथ विक्रेता कानून से मिले अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की हिफाजत कर रहे हैं। उनकी मांग है कि हॉकरों की आवाज अनसुनी न की जाए और उनकी आपत्तियां स्वीकार करके ही अंतिम योजना बनाई जाए।

ज्ञापन में हाई कोर्ट के उस ऐतिहासिक आदेश का हवाला भी दिया गया है, जो रिट याचिका क्रमांक 3890/2021 और 3665/2022 में आया था। ज्ञापन के मुताबिक आदेश के अनुच्छेद 7 में साफ निर्देश है कि मसौदा योजना महानगरपालिकाओं को भेजे जाने के बाद टाउन वेंडिंग कमेटी को अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 2 महीने का समय मिलेगा।

प्रतिनिधियों के अनुसार अदालत ने यह भी तय किया है कि हर टीवीसी को सरकार के सामने अपनी बात रखने का पूरा हक है। ऐसे में मनपा प्रशासन का जल्दबाजी में समय सीमा खत्म बताकर प्रक्रिया समेट देना अदालत के आदेश की अवहेलना है, यह उनका आरोप है।

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