गुरूवार, 8 अक्टूबर 2026

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20:23 IST

NMC की नई गाइडलाइन: डॉक्टर और अस्पताल अब "100% सफलता" जैसे दावे नहीं कर पाएंगे

नेशनल मेडिकल कमीशन ने डॉक्टरों और अस्पतालों के विज्ञापनों पर सख्त मार्गदर्शक तत्व जारी किए हैं, जो तुरंत लागू हो गए हैं।

NMC की नई गाइडलाइन: डॉक्टर और अस्पताल अब "100% सफलता" जैसे दावे नहीं कर पाएंगे तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

सोशल मीडिया और विज्ञापनों की दुनिया में मरीजों को खींचने के लिए बड़े-बड़े दावे करने का चलन बढ़ गया है। "सौ फीसदी सफलता" या "पक्का इलाज" जैसे झांसे देने वाले विज्ञापनों के चक्कर में कई लोग अपनी सेहत को बड़े खतरे में डाल देते हैं। इस गंभीर समस्या पर रोक लगाने के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने सख्त कदम उठाया है। कमीशन ने डॉक्टरों और अस्पतालों के विज्ञापनों को लेकर मार्गदर्शक तत्व जारी किए हैं। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

इस नए आदेश के बाद कोई भी अस्पताल या डॉक्टर अपनी सेवाओं का प्रचार करने के लिए बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावे नहीं कर सकेगा। बताया गया है कि इससे मेडिकल पेशे की गरिमा बनी रहेगी और आम लोग गुमराह करने वाले विज्ञापनों के जाल में फंसने से बचेंगे। NMC के इन नए नियमों के दायरे में अखबार, होर्डिंग और इंस्टाग्राम-यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी शामिल किए गए हैं।

कई डॉक्टर अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए सेलिब्रिटी, इन्फ्लुएंसर या पेड रिव्यू का सहारा लेते हैं। इन सब पर अब पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। डॉक्टर अपने प्रचार के लिए मरीजों के टेस्टिमोनियल या सिफारिशें भी इस्तेमाल नहीं कर सकते। सोशल मीडिया पर मरीजों से रिव्यू मांगने की भी मनाही कर दी गई है। सेवाओं के प्रचार के लिए किसी सेलिब्रिटी, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर या किसी तीसरे व्यक्ति की मदद लेने पर कड़ी रोक लगाई गई है।

NMC की नई गाइडलाइन के मुताबिक इलाज से पहले और बाद की फोटो (बिफोर-आफ्टर फोटो) दिखाने वालों पर कार्रवाई होगी। फर्जी लाइक्स और व्यूज के जरिए अपनी छवि चमकाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। नियम तोड़ने पर डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन निलंबित किया जा सकता है और भारी जुर्माने का प्रावधान भी रखा गया है।

अब कोई भी व्यक्ति या मेडिकल संस्था "100 फीसदी सफलता", "पक्का इलाज", "चमत्कारी इलाज", "दर्दमुक्त इलाज" और "नंबर-1 स्पेशलिस्ट" जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं कर पाएगी। इसके अलावा जब तक वैज्ञानिक या निष्पक्ष सबूतों से साबित न हो, तब तक "सबसे बेहतर" या "सबसे भरोसेमंद" जैसे दावे भी नहीं किए जा सकेंगे।

एआई (AI) से बनाए गए विज्ञापन, स्पॉन्सर्ड पोस्ट, नकली फॉलोअर्स, लाइक्स और पेड रिव्यू का इस्तेमाल करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बेवजह मेडिकल जांच या इलाज के लिए लोगों को लुभाने वाली छूट, कूपन, कैशबैक या मुफ्त इलाज के प्रचार पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

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