गोरेगांव में गरबा खेलते वक्त 19 साल के लड़के की कार्डियक अरेस्ट से मौत
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गोरेगांव पश्चिम के 'सेजल रास उत्सव 2026' में गरबा के दौरान गिरे नौजवान को अस्पताल में मृत घोषित किया गया। आयोजकों ने आखिरी रात के कार्यक्रम रद्द किए।
मुंबई के गोरेगांव में नवरात्रि के गरबा के दौरान एक दुखद हादसा हो गया। गोरेगांव पश्चिम के गोकुल गणेश मैदान (एम्मेरल्ड एसी डोम) में चल रहे 'सेजल रास उत्सव 2026' में गरबा खेलते हुए 19 साल का एक नौजवान अचानक गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। उसका नाम जय हितेश चरला था। वह गुजरात के कच्छ जिले के अधोई गांव का रहने वाला था और नवरात्रि का मजा लेने मुंबई आया था।
सोमवार रात गोकुल गणेश मैदान पर गरबा खेलने वालों की अच्छी-खासी भीड़ थी। संगीत की धुन पर युवक-युवतियां पूरे जोश में गरबा कर रहे थे। जय भी अपने दोस्तों और बाकी लोगों के साथ गरबा के घेरे में शामिल था। सब कुछ ठीक चल रहा था कि अचानक जय को चक्कर जैसा लगा और वह धड़ाम से जमीन पर गिर गया।
उसे गिरता देखकर आसपास खेल रहे लड़के और वहां मौजूद लोग फौरन उसके पास दौड़े। उसे संभालने और होश में लाने की कोशिश की गई। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने तुरंत CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू किया, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। उसे पास के प्रार्थना अस्पताल (Prarthana Hospital) ले जाया गया, जहां जांच के बाद वहां के डॉक्टरों ने इलाज शुरू होने से पहले ही उसे मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टरों से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक जय को पहले से दिल से जुड़ी कुछ दिक्कतें थीं। डॉक्टरों ने बताया कि गरबा खेलते वक्त शरीर पर अचानक काफी जोर पड़ता है और दिल की धड़कन तेजी से बढ़ती है। डॉक्टरों के मुताबिक जय को पहले से दिल की तकलीफ थी, और इसी शारीरिक जोर की वजह से उसे गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया, जिसमें उसकी जान चली गई।
इस हादसे से गरबा मैदान में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और खुशी का माहौल एक पल में सन्नाटे में बदल गया। नवरात्रि के आखिरी दौर में हुई इस घटना से आयोजकों, श्रद्धालुओं और गरबा के शौकीनों में गम की लहर दौड़ गई।
आयोजकों ने मृत नौजवान के परिवार और 'श्री वागड विशा ओसवाल चोवीसी महाजन' समाज के प्रति संवेदना जताते हुए नवरात्रि की आखिरी रात के सारे तय कार्यक्रम तुरंत रद्द कर दिए। उन्होंने आधिकारिक बयान जारी करके हादसे पर गहरा दुख जताया, उत्सव में शामिल लोगों से माफी मांगी और इस मुश्किल घड़ी में सहयोग की अपील की।
आरोग्य विशेषज्ञों के मुताबिक आजकल 19 से 30 साल की उम्र के नौजवानों में दिल की बीमारी के मामले बढ़ते दिख रहे हैं। उनका कहना है कि बिना रुके लंबे वक्त तक बहुत जोश और तेज रफ्तार से गरबा खेलने से दिल पर एकदम जोर पड़ता है। विशेषज्ञों के मुताबिक कई बार नौजवानों को पता ही नहीं होता कि उन्हें पहले से दिल की कोई बीमारी है, या वे उसे नजरअंदाज कर देते हैं। इन्हीं विशेषज्ञों ने गरबा या किसी भी शारीरिक मेहनत के दौरान बीच-बीच में आराम करने, भरपूर पानी पीने और चक्कर या थकान महसूस होने पर फौरन रुक जाने की बात कही है।
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