मंगलवार, 3 नवंबर 2026

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कवलेवाडा स्वास्थ्य केंद्र में सीपीएचसी ट्रेनिंग, परिसर में लगाए गए पौधे

कवलेवाडा स्वास्थ्य केंद्र में सीपीएचसी ट्रेनिंग, परिसर में लगाए गए पौधे तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सेहत PT24 टीम

गोरेगांव के कवलेवाडा प्राथमिक आरोग्य केंद्र में दो दिन की सीपीएचसी ट्रेनिंग हुई। इसी दौरान केंद्र के परिसर में पौधे भी लगाए गए।

गोरेगांव: गांव और शहर के लोगों को घर के पास ही अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मिलें, इसी मकसद से आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आरोग्यवर्धिनी केंद्र) के जरिए कवलेवाडा के प्राथमिक आरोग्य केंद्र में दो दिन की कौशल आधारित व्यापक प्राथमिक आरोग्य सेवा (सीपीएचसी) ट्रेनिंग हुई। कार्यक्रम पूरे उत्साह के साथ संपन्न हुआ।

जिले के हर प्राथमिक आरोग्य केंद्र में यह ट्रेनिंग दी जा रही है। यह जिला शल्यचिकित्सक डॉ. पुरुषोत्तम पटले, जिला आरोग्य अधिकारी डॉ. अभिजीत गोल्हार, अतिरिक्त जिला शल्य चिकित्सक डॉ. तृप्ती कटरे और सहायक जिला आरोग्य अधिकारी डॉ. अरविंदकुमार वाघमारे के मार्गदर्शन में हो रही है।

ट्रेनिंग का मुख्य मकसद यह है कि बीमारी होने के बाद इलाज करने के बजाय बीमारियां हों ही नहीं, इसके लिए प्रतिबंधात्मक और प्रोत्साहनात्मक स्वास्थ्य सेवाओं पर ज्यादा जोर दिया जाए। इसी वजह से इस सत्र में डॉक्टर, परिचारिका, समुदाय आरोग्य अधिकारी, आरोग्य सेवक, आरोग्य सेविका और आशा स्वयंसेविकाओं की कार्यक्षमता और कौशल बढ़ाने पर खास ध्यान दिया गया।

दो दिन के इस सत्र में आए लोगों को लोगों की सर्वांगीण सेहत के लिए 13 तरह की विस्तारित आरोग्य सेवाओं की गहरी ट्रेनिंग दी गई। इनमें गर्भधारणा और प्रसव की देखभाल, नवजात और शिशु की आरोग्य सेवा, बाल और किशोर आरोग्य सेवा, परिवार नियोजन और प्रजनन आरोग्य सेवा शामिल हैं। साथ ही संसर्गजन्य बीमारियों का प्रबंधन (जैसे टीबी, डेंग्यू, मलेरिया), सामान्य और छोटी बीमारियों का इलाज, और असंसर्गजन्य बीमारियों (मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कैंसर) की जांच और प्रबंधन भी इसका हिस्सा रहा। इसके अलावा आंख और कान-नाक-गला सेवा, प्राथमिक मौखिक (मुंह और दांत) आरोग्य सेवा, मानसिक आरोग्य सेवा, वृद्ध और पैलिएटिव (उपशामक) आरोग्य देखभाल, आपत्कालीन चिकित्सा सेवा और जलने या ट्रामा की देखभाल, और योग व आरोग्य संवर्धन पर भी ट्रेनिंग दी जा रही है।

इस दो दिन के शिविर में आरोग्य कर्मचारियों को मार्गदर्शन देने के लिए जिला प्रशिक्षण केंद्र के चिकित्सा अधिकारी और जिला माता व बाल देखभाल अधिकारी डॉ. राजेश बेळमकर, बालरोग विशेषज्ञ डॉ. सचिन उईके, दंतरोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल आटे, सालेकसा तहसील आरोग्य अधिकारी डॉ. अमित खोडणकर, समुदाय आरोग्य अधिकारी डॉ. चंदन रंगारी और डॉ. मनिषा येडे मौजूद रहे। मानसिक रोग विशेषज्ञ दीपक आगुलवार के साथ कुंदा कुंभरे, सूरजलाल दोनोडे, विजय मेश्राम, रंजना रोकडे और माधुरी टेंभुर्णीकर ने भी अलग-अलग विषयों पर कर्मचारियों को विस्तार से ट्रेनिंग दी। इस मौके पर कवलेवाडा प्राथमिक आरोग्य केंद्र की चिकित्सा अधिकारी डॉ. स्नेहा भावे भी खास तौर पर मौजूद थीं।

इस ट्रेनिंग को पर्यावरण से भी जोड़ा गया। यह डॉ. राजेश बेळमकर की एक नई सोच से निकला है। आरोग्य विभाग ने तय किया है कि जिन-जिन प्राथमिक आरोग्य केंद्रों में सीपीएचसी ट्रेनिंग हो रही है, वहां पौधे लगाए जाएंगे। इसी के तहत कवलेवाडा में ट्रेनिंग के दौरान केंद्र परिसर में मान्यवरों के हाथों उत्साह से पौधे लगाए गए। सेहत के साथ पर्यावरण की रक्षा का यह संदेश वहां मौजूद लोगों को प्रेरणा देने वाला रहा।

कवलेवाडा प्राथमिक आरोग्य केंद्र के इलाके के समुदाय आरोग्य अधिकारी, आरोग्य सहायक, आरोग्य सहायिका, आरोग्य सेवक, आरोग्य सेविका, समूह प्रवर्तक और आशा स्वयंसेविकाएं बड़ी संख्या में आईं और खुलकर हिस्सा लिया। आरोग्य प्रशासन ने भरोसा जताया है कि इस ट्रेनिंग और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से कवलेवाडा इलाके की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं ज्यादा मजबूत, तेज और लोगों के करीब हो सकेंगी।

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