बुधवार, 7 अक्टूबर 2026

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17:57 IST

गोंडपिपरी नगरपंचायत दफ्तर के पास भारी भीड़, पर एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं

गोंडपिपरी में नगरपंचायत दफ्तर का इलाका शहर का सबसे व्यस्त हिस्सा है, फिर भी वहां सार्वजनिक शौचालय नहीं है। लोग नगरपंचायत से जल्द इंतजाम की मांग कर रहे हैं।

गोंडपिपरी नगरपंचायत दफ्तर के पास भारी भीड़, पर एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

गोंडपिपरी में नगरपंचायत दफ्तर का इलाका इस वक्त शहर का सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाला केंद्र माना जाता है। लेकिन इतनी अहम और भीड़ वाली जगह पर एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं है। इस वजह से रोज हजारों लोगों को बेवजह परेशानी झेलनी पड़ रही है। अब लोगों के बीच यह मांग जोर पकड़ रही है कि नगरपंचायत प्रशासन यहां फौरन शौचालय बनवाए।

इस इलाके में बैंक, स्कूल और दुकानों की वजह से दिनभर आवाजाही रहती है। यहां तीन बड़े बैंकों के दफ्तर हैं: भाग्यश्री बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और एफ.डी.सी.एफ. बैंक। इसके अलावा गजानन कॉलेज और जनता हाईस्कूल जैसे दो बड़े शिक्षा संस्थान भी इसी हिस्से में हैं। काले कॉम्प्लेक्स समेत कई बड़ी दुकानें और कारोबारी ठिकाने यहीं हैं, इसलिए ग्राहक, विद्यार्थी, किसान और बुजुर्ग लोग दिनभर यहां आते-जाते रहते हैं। इतनी भीड़ वाले इलाके में शौचालय की जरूरत साफ दिखती है।

आसपास के व्यापारी, आम नागरिक और महिलाएं मांग कर रही हैं कि नगरपंचायत इस समस्या की गंभीरता समझे और सबसे पहले यहां साफ-सुथरा, सुविधाओं वाला सार्वजनिक शौचालय बनवाए। अब सबकी नजर इस पर है कि नगरपंचायत प्रशासन असल में कदम कब उठाता है।

नगरपंचायत का इलाका शहर का मुख्य केंद्र है। यहां रोज सैकड़ों ग्रामीण और महिलाएं अलग-अलग काम से आती हैं। ऐसी जगह पर सार्वजनिक शौचालय न होना बहुत गंभीर बात है। जागरूक नागरिकों का कहना है कि प्रशासन लोगों की सेहत और सहूलियत से खिलवाड़ न करे और यहां फौरन आधुनिक शौचालय बनाए। इसके लिए प्रशासन के पास पीछा करने यानी लगातार पैरवी करने को वे तैयार हैं।

गोंडपिपरी के वरिष्ठ पत्रकार संदीप रायपुरे ने कहा, "स्वच्छ भारत अभियान की बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन नगरपंचायत प्रशासन अपने ही मुख्य दफ्तर के आवारे में बुनियादी सुविधा नहीं बना पाया, यह दुर्भाग्य की बात है। खासकर महिलाओं और छात्राओं की होने वाली परेशानी देखते हुए हम अखबारों के जरिए इस समस्या पर लगातार आवाज उठाते रहेंगे। प्रशासन अब तो कुंभकर्णी नींद से जागे।"

नगरपंचायत गोंडपिपरी के मुख्याधिकारी विवेक चौधरी ने कहा, "इस इलाके में लोगों की बढ़ती आवाजाही देखते हुए सार्वजनिक शौचालय की जरूरत है, यह बात प्रशासन के ध्यान में आ गई है। जगह की उपलब्धता जांचकर और निधि का नियोजन करके यहां जल्द ही सुविधाओं वाला शौचालय बनाने की जरूरी प्रशासकीय प्रक्रिया फौरन शुरू की जाएगी। लोगों की परेशानी दूर करना हमारी प्राथमिकता रहेगी।"

स्थानीय महिला अरुणा तैलेश वनकर ने कहा, "इस इलाके में बैंक, स्कूल और दुकानें होने की वजह से हम महिलाओं को अलग-अलग कामों के लिए यहां आना पड़ता है। घंटों रुकना पड़ता है, लेकिन एक भी शौचालय न होने से हमें बहुत दिक्कत होती है। प्रशासन महिलाओं की सेहत से जुड़ी इस गंभीर समस्या पर फौरन ध्यान दे और यहां महिलाओं के लिए अलग शौचालय बनवाए।"

स्थानीय व्यापारी अजय माडूरवार ने कहा, "काले कॉम्प्लेक्स और आसपास सैकड़ों दुकानें हैं। यहां ग्रामीण इलाकों से हजारों ग्राहक खरीदारी के लिए आते हैं। लेकिन शौचालय न होने से ग्राहकों का, खासकर महिलाओं का बुरा हाल होता है। कई बार उन्हें दुकान के कर्मचारियों से पूछताछ करनी पड़ती है। इसलिए कारोबारी ठिकानों के इलाके में फौरन सुविधा की जरूरत है।"

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