डोंगरगांव के स्कूल-कॉलेज के बच्चों के लिए बस टाइमिंग बदलने की मांग, गोंडपिपरी में निवेदन
गोंडपिपरी तालुका के डोंगरगांव के विद्यार्थियों को एसटी बस के समय की वजह से स्कूल और कॉलेज पहुंचने में दिक्कत हो रही है। युवा कार्यकर्ताओं ने बस स्टेशन प्रशासन को निवेदन दिया।
गोंडपिपरी तालुका के डोंगरगांव के स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को एसटी बस के समय की वजह से कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। यह मुद्दा एक बार फिर उठा है। विद्यार्थी वक्त पर स्कूल-कॉलेज पहुंच सकें और उनका सफर सुरक्षित और आसान हो, इसी मांग को लेकर गोंडपिपरी के युवा कार्यकर्ताओं ने एसटी बस स्टेशन प्रशासन को निवेदन सौंपा।
निवेदन में बताया गया है कि डोंगरगांव से हर दिन बड़ी तादाद में विद्यार्थी स्कूल और कॉलेज के लिए गोंडपिपरी आते-जाते हैं। लेकिन एसटी बसों का समय उनके पढ़ाई के टाइम-टेबल से मेल नहीं खाता। इस वजह से सफर में दिक्कत होती है और कुछ विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज वक्त पर पहुंचने में रुकावट आती है।
विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनके सुरक्षित सफर को देखते हुए यह निवेदन भाजपा शहराध्यक्ष चेतनसिंग गौर और युवा मोर्चा शहराध्यक्ष वैभव बोनगिरवार की पहल और मार्गदर्शन में गोंडपिपरी एसटी बस स्टेशन प्रशासन को दिया गया। इसके साथ ही राजुरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक देवराव भोंगळे को फोन पर यह समस्या बताई गई और उसे दूर करने की गुजारिश की गई।
इस मौके पर डोंगरगांव के नागरिकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने भी बस के समय से पैदा हो रही दिक्कतें प्रशासन के सामने रखीं। मांग की गई कि विद्यार्थी वक्त पर स्कूल और कॉलेज पहुंच सकें, उनका सफर सुरक्षित रहे और बस सेवा न होने की वजह से उनकी पढ़ाई में कोई रुकावट न आए।
अभिभावकों और गांव वालों का कहना है कि यह सवाल सीधे विद्यार्थियों की पढ़ाई से जुड़ा है। इसलिए एसटी महामंडल और संबंधित प्रशासन इसे गंभीरता से लेकर डोंगरगांव के विद्यार्थियों की बस सेवा का मसला जल्द सुलझाए। निवेदन के जरिए उम्मीद जताई गई है कि प्रशासन विद्यार्थियों को नियमित, सुरक्षित और वक्त पर आने-जाने की सुविधा देने के लिए सकारात्मक कदम उठाएगा।
निवेदन में बस के समय में जरूरी बदलाव की मांग की गई है। कहा गया है कि डोंगरगांव इलाके के विद्यार्थियों के पढ़ाई के समय को देखते हुए एसटी बसों की फेरियों का समय बदला जाए, या फिर विद्यार्थियों की सहूलियत के हिसाब से बस सेवा दी जाए। खासकर सुबह स्कूल-कॉलेज के समय विद्यार्थी वक्त पर गोंडपिपरी पहुंच सकें और दोपहर के बाद सुरक्षित तरीके से गांव लौट सकें, इसके लिए प्रशासन से इंतजाम करने की उम्मीद जताई गई है।