शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

गोंदिया के जंगल में करंट लगाकर चीतल मारने का मामला, पांच आरोपियों पर केस दर्ज

गोंदिया के जंगल में करंट लगाकर चीतल मारने का मामला, पांच आरोपियों पर केस दर्ज तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

सालेकसा वनपरिक्षेत्र के बाकलसर्रा जंगल में वन विभाग ने चीतल की खाल और मांस जब्त किया। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत पांच लोगों पर केस दर्ज हुआ है।

गोंदिया जिले के सालेकसा वनपरिक्षेत्र में आने वाले बाकलसर्रा के जंगल से वन्यजीव के शिकार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बताया गया है कि बिजली का करंट छोड़कर एक संरक्षित वन्यजीव, चीतल, का शिकार किया गया। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर चीतल की ताजी खाल, मांस और शिकार में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जब्त कर ली है।

वन विभाग ने इस सिलसिले में पांच लोगों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत अपराध दर्ज किया है। इनमें से दो आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। कुछ आरोपियों की तलाश में वन विभाग की टीमें लगी हुई हैं।

जानकारी के मुताबिक 28 अक्टूबर 2026 को वन विभाग को एक गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना यह थी कि मौजा बाकलसर्रा के जंगल में बिजली का करंट प्रवाहित करके वन्यजीवों का शिकार किया जा रहा है। मामला गंभीर था, इसलिए वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और छापेमारी की। जांच के दौरान अधिकारियों को चीतल की ताजी चित्तीदार खाल, मांस और शिकार से जुड़ी सामग्री मिली।

इसके बाद जांच अधिकारी (वनपाल) की मौजूदगी में और पंचों के सामने घटनास्थल का पंचनामा बनाया गया। पूरा माल जब्त कर लिया गया। जब्त किए गए मांस और खाल के नमूनों को चिकित्सकीय परीक्षण और फॉरेंसिक जांच के लिए पशुधन विकास अधिकारी (LDO) और न्यायवैज्ञानिक प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

वन विभाग ने वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 48, 50 और 51 के तहत केस दर्ज किया है। जिन पांच लोगों पर मामला दर्ज हुआ है, उनके नाम नरेंद्र श्रीराम चौडाये (26), दिनेश भरतलाल मेश्राम (26), राजू भागचंद उईके (30), भरतलाल किसनलाल मेश्राम (60) और कृष्णा बिसराम चौडाये (55) हैं। ये सभी बाकलसर्रा, तहसील सालेकसा, जिला गोंदिया के रहने वाले हैं। इन पर शिकार का आरोप है।

यह पूरी कार्रवाई उपवनसंरक्षक पवन कुमार जोग और सहायक वनसंरक्षक सचिन डोंगरवार के मार्गदर्शन में हुई। इसका नेतृत्व सालेकसा के वनपरिक्षेत्र अधिकारी अतुल वालके ने किया। कार्रवाई में क्षेत्र सहायक जे.जी. खान, चौव्हान, प्रदीप भंडारकर, किशोर फुंडे, विनोद भेंडारकर, पाऊलझगडे, सुलाखे और सुनील बारसे के साथ अन्य वनरक्षक और वनकर्मचारी भी शामिल थे।

इस कार्रवाई के बाद इलाके के शिकारियों में हड़कंप मच गया है। मामले की आगे की जांच सालेकसा वनपरिक्षेत्र कार्यालय कर रहा है।

#नागपुर#जुर्म#PT24#Crime#Nagpur

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे