शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

नागपुर ग्रेजुएट सीट की हार पर बीजेपी करेगी समीक्षा, बावनकुले बोले

नागपुर ग्रेजुएट सीट की हार पर बीजेपी करेगी समीक्षा, बावनकुले बोले तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 टीम

महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि पार्टी नागपुर ग्रेजुएट्स सीट की हार पर आत्मचिंतन करेगी और देखेगी कि महायुति के किस साथी ने काम नहीं किया।

महाराष्ट्र के मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने गुरुवार को कहा कि हाल ही में हुए विधान परिषद चुनाव में नागपुर ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र में मिली हार पर पार्टी आत्मचिंतन करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी यह भी देखेगी कि महायुति का कोई साथी दल उम्मीदवारों के लिए काम करने में नाकाम रहा या नहीं।

बावनकुले के मुताबिक बीजेपी ने नागपुर ग्रेजुएट्स और पुणे की सीटों को काफी अहमियत दी थी और इन्हें जीतने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी की थी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने चुनाव के नतीजे को स्वीकार कर लिया है।

नागपुर में वे प्रभारी थे, और हार की निजी जिम्मेदारी लेते हुए बावनकुले ने कहा, "हमने पूरी कोशिश की और हमारे कार्यकर्ता और नेता ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से मिले। फिर भी लगता है कुछ कमियां रह गईं। हार की वजहें समझने के लिए हम आत्मचिंतन करेंगे।"

जब उनसे पूछा गया कि क्या महायुति के साथी के तौर पर शिवसेना ने बीजेपी का साथ नहीं दिया, तो बावनकुले ने कहा, "एक-दूसरे पर आरोप लगाने के बजाय हम यह देखेंगे कि महायुति के किस साथी ने गठबंधन के उम्मीदवार के पक्ष में काम नहीं किया।"

अमरावती निर्वाचन क्षेत्र का जिक्र करते हुए बावनकुले ने बताया कि शिवसेना नेता और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बीजेपी से मदद मांगी थी। इसके बाद पार्टी के विधायकों और सांसदों ने गठबंधन के उम्मीदवार का प्रचार किया। उन्होंने कहा, "हमारे विधायक और सांसद अमरावती गए और उनके उम्मीदवार के लिए प्रचार किया। लेकिन कुछ जगहों पर गठबंधन का तालमेल नजर नहीं आया। इस पर महायुति के तीनों साथी बैठकर बात करेंगे।"

बावनकुले ने कहा कि गठबंधन यह परखेगा कि अपने-अपने पार्टी नेतृत्व के दिए निर्देशों का जमीनी स्तर पर पालन हुआ या नहीं, और किसी ने पार्टी लाइन या गठबंधन के साथियों के बीच की समझ के खिलाफ काम किया या नहीं। उन्होंने कहा, "हम देखेंगे कि पार्टी नेतृत्व के साफ निर्देशों का जमीन पर पालन हुआ या नहीं। जिन्होंने पार्टी लाइन या महायुति की समझ के खिलाफ काम किया, उनकी पहचान करके उन्हें फटकार लगाई जाएगी।"

पुणे टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र के बारे में बावनकुले ने कहा कि वहां गठबंधन के साथियों के बीच खुले तौर पर मानी गई दोस्ताना लड़ाई हुई और सीट बीजेपी ने जीती। शिवसेना ने इस सीट पर एक निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन किया था।

बावनकुले ने यह भी जोड़ा कि बीजेपी दूसरे निर्वाचन क्षेत्रों के उन मामलों की भी समीक्षा करेगी, जहां साथी दलों ने एक-दूसरे के उम्मीदवारों का समर्थन करने की समझ का शायद पालन नहीं किया।

पुणे ग्रेजुएट्स, नागपुर ग्रेजुएट्स, छत्रपति संभाजीनगर ग्रेजुएट्स, पुणे टीचर्स और अमरावती टीचर्स निर्वाचन क्षेत्रों के लिए वोटिंग 23 अक्टूबर को हुई थी। मतगणना 27 अक्टूबर को शुरू हुई और नतीजे 28 अक्टूबर को घोषित किए गए। महायुति के मुख्य घटक बीजेपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी हैं।

#नागपुर#सियासत#PT24#Politics#Nagpur

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे