गणेश विसर्जन: नागपुर पुलिस का 6,250 जवानों का सुरक्षा बंदोबस्त
पुलिस आयुक्त डॉ. विश्वास नांगरे पाटील की अगुवाई में शहर के संवेदनशील इलाकों, प्रमुख विसर्जन स्थलों और ट्रैफिक रूट पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
गणेशोत्सव 2026 के समापन और गणेश विसर्जन जुलूसों के मद्देनजर नागपुर पुलिस ने पुलिस आयुक्त डॉ. विश्वास नांगरे पाटील के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर सुरक्षा बंदोबस्त तैयार किया है। विसर्जन जुलूसों के दौरान भक्तों की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद को देखते हुए पुलिस, ट्रैफिक, फायर ब्रिगेड और डिजास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट को अलर्ट पर रखा गया है। डॉ. पाटील ने बताया कि इस बंदोबस्त में भक्तों की सुरक्षा के साथ-साथ कानून व्यवस्था बनाए रखने को प्राथमिकता दी गई है।
पुलिस आयुक्त के मुताबिक इस साल नागपुर में 1,702 सार्वजनिक गणेश मंडलों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। इसके अलावा करीब 2 लाख 4 हजार घरेलू गणेश मूर्तियां स्थापित की गई हैं। पिछले साल के मुकाबले सार्वजनिक मंडलों की संख्या में 140 का इजाफा हुआ है। विसर्जन के दौरान भीड़ का दबाव बढ़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही विस्तृत बंदोबस्त तैयार कर लिया है।
शहर की कई बड़ी सड़कों पर विसर्जन जुलूसों के दौरान भारी भीड़ रहने की उम्मीद है। पुलिस ने सीए रोड, फुटाला रोड, कोराडी रोड, इतवारी रोड, महल, जाफर नगर, कॉटन मार्केट, गांधी नगर-जाफर नगर इलाके और भांडेवाड़ी समेत कई जगहों को खास निगरानी में रखा है। इन इलाकों में भीड़ और ट्रैफिक मैनेज करने और जुलूसों की आवाजाही सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। पुलिस अफसरों को अपने-अपने इलाकों में लगातार गश्त और निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
शहर और आसपास के प्रमुख जगहों पर गणेश मूर्तियों के विसर्जन के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक गोरेवाड़ा में 361, पुलिस लाइन्स तकली तालाब में 42, नंदा कोराडी में 612, कच्छीविसा में 62 और महादेव घाट में 104 मूर्तियों के विसर्जन की उम्मीद है। इसके अलावा नागपुर महानगरपालिका की ओर से तैयार कृत्रिम विसर्जन कुंडों में करीब 512 मूर्तियां विसर्जित होने की संभावना है। प्रशासन ने भक्तों से तय किए गए विसर्जन स्थलों का ही इस्तेमाल करने और सुरक्षा इंतजामों में सहयोग करने की अपील की है।
इस साल कुछ गणेश मंडलों ने अपने नियमित विसर्जन रूट बदल दिए हैं। कुछ मंडल अब कोराडी तालाब की बजाय गोरेवाड़ा और पुलिस लाइन्स तकली तालाब में मूर्तियां विसर्जित करेंगे। इन बदले हुए रूटों पर ट्रैफिक मैनेजमेंट पर अतिरिक्त दबाव न पड़े, इसके लिए पुलिस और ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने खास इंतजाम किए हैं।
गणेश विसर्जन को देखते हुए 25 और 26 सितंबर 2026 को रात 8 बजे से रात 12 बजे तक शहर में भारी वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी। पुलिस के मुताबिक मुख्य रूप से तीन रूटों पर भारी वाहनों की एंट्री कंट्रोल की जाएगी: अग्यारामदेवी चौक से गणेश मंदिर कटिंग, मॉडल मिल चौक से मौलाना नाटिक चौक, और तिलक पुतला चौक से गणेश मंदिर कटिंग। कई बड़े चौराहों से आने वाले ट्रैफिक को भी वैकल्पिक रूट पर डायवर्ट किया जाएगा। मॉडल मिल चौक का ट्रैफिक रामकुलार और जाधव चौक की ओर, अग्यारामदेवी चौक का ट्रैफिक जाधव चौक और रमन साइंस पार्क की ओर, तथा मौलाना नाटिक चौक और तिलक पुतला चौक का ट्रैफिक रमन साइंस पार्क की ओर डायवर्ट होगा।
विसर्जन बंदोबस्त के लिए नागपुर पुलिस कमिश्नरेट की कुल फोर्स का करीब 70 फीसदी हिस्सा तैनात किया गया है। कुल 6,250 पुलिस अफसर और जवान अलग-अलग जगहों पर तैनात रहेंगे। इसमें एक पुलिस कमिश्नर, एक असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर, तीन एडिशनल पुलिस कमिश्नर, 11 डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस और 15 असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस शामिल हैं। इसके अलावा 87 पुलिस इंस्पेक्टर और 374 असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर व पुलिस सब-इंस्पेक्टर ड्यूटी पर रहेंगे। फील्ड लेवल पर 4,330 पुलिस कॉन्स्टेबल, जिनमें 420 ट्रेनी शामिल हैं, और 1,266 होम गार्ड तैनात होंगे। स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स की एक कंपनी, चार रायट कंट्रोल स्क्वॉड, चार क्विक रिस्पॉन्स टीम और तीन बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड भी स्टैंडबाय पर रहेंगे। सादे कपड़ों में भी पुलिस जवान तैनात किए जाएंगे।
विसर्जन जुलूसों के दौरान बड़े रूटों और संवेदनशील इलाकों पर निगरानी के लिए कुल 2,858 सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन कैमरों की मॉनिटरिंग कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से होगी। इसके अलावा पांच मोबाइल सर्विलांस वैन और ड्रोन भी उपलब्ध रहेंगे। भीड़ की स्थिति, ट्रैफिक और संवेदनशील जगहों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। किसी भी इलाके में अचानक भीड़ बढ़ने या हालात बदलने पर पुलिस टीमों को तुरंत अलर्ट कर दिया जाएगा।
किसी भी इमरजेंसी से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड डिपार्टमेंट को भी अलर्ट पर रखा गया है। शहर के 12 फायर स्टेशनों के साथ 31 फायर व्हीकल तैयार रखे जाएंगे। 13 डिजास्टर मैनेजमेंट टीमें भी तैनात होंगी। संबंधित टीमों को जल स्रोतों और विसर्जन स्थलों पर इमरजेंसी के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
गणेश विसर्जन से पहले सोशल मीडिया पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस के मुताबिक अब तक 771 सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो की जांच की जा चुकी है। आपत्तिजनक पाए गए 13 पोस्ट पर कार्रवाई की गई है। पुलिस ने बताया कि विसर्जन के दौरान भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी जारी रहेगी। अफवाहों, उकसाने वाले कंटेंट या कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली पोस्ट के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
विसर्जन जुलूसों के दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर कोर्ट और सरकार के निर्देश लागू रहेंगे। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि लाउडस्पीकर इस्तेमाल करने की तय समय-सीमा का पालन करना जरूरी होगा। इससे जुड़े नियमों की नोटिफिकेशन पहले ही जारी की जा चुकी है।
दो गणेश मंडलों के बीच उचित दूरी बनाए रखने का इंतजाम किया गया है ताकि एक साथ कई मंडल जमा होकर ट्रैफिक और क्राउड मैनेजमेंट में दिक्कत न पैदा करें। पुलिस अफसर जुलूसों की रफ्तार और मंडलों के बीच की दूरी पर नजर रखेंगे।
विसर्जन के दौरान किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए पुलिस ने अपराधियों और संवेदनशील तत्वों के खिलाफ निवारक कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस के मुताबिक अब तक 766 रिकॉर्डेड अपराधियों, 413 तड़ीपार आरोपियों और 705 हिस्ट्रीशीटरों की जांच की जा चुकी है। 885 अपराधियों के खिलाफ निवारक कार्रवाई की गई है। इसके अलावा 1,450 लोगों को नोटिस जारी किया गया है, जिनमें से 51 को डिटेन किया गया है। इस ऑपरेशन के दौरान 22 आरोपियों से अवैध हथियार बरामद किए गए। पुलिस ने 118 फरार आरोपियों की तलाश भी की है।
पुलिस के मुताबिक 2025 के गणेश विसर्जन के दौरान सात मामले दर्ज हुए थे। इस साल ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए पहले से ही निवारक कार्रवाई और निगरानी बढ़ा दी गई है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत 1,010 अपराधियों के खिलाफ अस्थायी निवारक कार्रवाई की गई है। पुलिस का मकसद विसर्जन से पहले ही संभावित गड़बड़ी और कानून-व्यवस्था की घटनाओं को रोकना है।
पुलिस आयुक्त डॉ. विश्वास नांगरे पाटील ने गणेश मंडलों और नागरिकों से विसर्जन के दौरान पुलिस और प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है। उन्होंने तय विसर्जन स्थलों का इस्तेमाल करने, ट्रैफिक इंतजामों में सहयोग करने और किसी भी अफवाह पर यकीन न करने की सलाह दी। उन्होंने नागरिकों से यह भी अपील की कि सोशल मीडिया पर कोई भी आपत्तिजनक या भ्रामक कंटेंट आगे फॉरवर्ड न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या इमरजेंसी की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
इमरजेंसी के लिए साइबर पुलिस स्टेशन का नंबर 0712-2584377, पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर 0712-2561222 और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 जारी किया गया है। पुलिस प्रशासन का संदेश साफ है: गणेश विसर्जन को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाएं, लेकिन सुरक्षा उपायों, ट्रैफिक नियमों और कानून-व्यवस्था की जरूरतों का पूरी तरह पालन करें।
खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।