फर्जी FMGE स्कोरकार्ड बनाने वाले रैकेट का भंडाफोड़, महाराष्ट्र सायबर ने तीन को पकड़ा
महाराष्ट्र सायबर विभाग ने फर्जी FMGE स्कोरकार्ड और सर्टिफिकेट बनाने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क के सरगना समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
महाराष्ट्र साइबर विभाग ने फर्जी डॉक्टर तैयार करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। विभाग के मुताबिक यह गिरोह विदेश से MBBS की डिग्री लेकर लौटे विद्यार्थियों के लिए फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एक्जामिनेशन (FMGE) के फर्जी स्कोरकार्ड और सर्टिफिकेट बनाता है, ताकि वे भारत में डॉक्टर के तौर पर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकें।
मामला तब सामने आया जब महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) ने रजिस्ट्रेशन के लिए आए आवेदनों की छानबीन की। काउंसिल को शक हुआ कि विदेश से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले कुछ ग्रेजुएट्स ने जरूरी FMGE स्क्रीनिंग टेस्ट पास नहीं किया है, फिर भी उनके पास मेडिकल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मौजूद है। इसके बाद MMC ने फौरन स्थानीय साइबर पुलिस स्टेशन, महाराष्ट्र साइबर और मुंबई में शिकायत दर्ज कराई।
महाराष्ट्र साइबर ने टेक्निकल एनालिसिस, डिजिटल रिकॉर्ड और सिस्टम लॉग्स की गहरी जांच करके इस धोखाधड़ी में शामिल लोगों की पहचान की। अब तक इस मामले में गिरोह के सरगना समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में वरुण प्रतापराव आखाडे (28) और संकेत प्रभाकर उन्हाळे (26) शामिल हैं। दोनों बुलढाणा के रहने वाले हैं। जांच में सामने आया कि ये दोनों खुद FMGE परीक्षा में फेल हुए थे। इसके बावजूद वे फर्जी सर्टिफिकेट के जरिए डॉक्टर के रूप में प्रैक्टिस करने की कोशिश में थे।
तीसरा और सबसे अहम आरोपी राहुल गोपाल पाटील (35) है, जो नाशिक का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि वही इस पूरे अंतरराज्यीय गिरोह का मास्टरमाइंड और ऑपरेटर है। जांच में सामने आया कि उसने पैसे लेकर 15 से 20 आवेदकों को इसी तरह के फर्जी स्कोर कार्ड, सर्टिफिकेट और दूसरे कागजात बनाकर दिए हैं।
महाराष्ट्र साइबर विभाग की दी हुई जानकारी के अनुसार आरोपियों से पूछताछ चल रही है। फर्जी कागजात बनाने, उन्हें आगे देने और इस्तेमाल करने वाले पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। पैसों के लेन-देन, डिजिटल डिवाइस और कम्युनिकेशन रिकॉर्ड की भी तेजी से जांच हो रही है, ताकि इस रैकेट से जुड़े और लोगों की पहचान हो सके।
साइबर विभाग ने सभी विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स को सख्त चेतावनी दी है कि वे किसी दलाल के चक्कर में न पड़ें। FMGE जैसी जरूरी परीक्षा से बचने के लिए ऐसे फर्जी कागजात का इस्तेमाल न करें। ऐसा करने पर उन्हें सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, और इससे उनके करियर पर भी खतरा आ सकता है।