एसटी के बेड़े में आएंगी 200 वोल्वो बसें, मार्च 2027 तक आने का प्लान
महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (MSRTC) अपने बेड़े में 200 एसी वोल्वो बसें जोड़ने की तैयारी में है।
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प्राइवेट आराम बस सेवाओं को टक्कर देने के लिए महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (MSRTC) ने एक बड़ा कदम उठाया है। यात्रियों को ज्यादा आरामदायक और बेहतर सफर देने के लिए एसटी के बेड़े में 200 अत्याधुनिक एसी Volvo बसें शामिल की जाएंगी।
प्लान है कि ये बसें मार्च 2027 तक चरणबद्ध तरीके से महामंडल के बेड़े में आएंगी। इनमें 170 सीटर बसें होंगी और 30 स्लीपर बसें। इन्हें शिवनेरी बस सेवा की तर्ज पर चलाया जाएगा, इसलिए उम्मीद है कि लंबी दूरी के यात्रियों को आरामदायक सफर का एक नया विकल्प मिलेगा।
Volvo Bus India कंपनी ने जानकारी दी है कि उसे एसटी महामंडल को 200 बसें सप्लाई करने का ठेका मिला है। बताया गया है कि भारत में कंपनी के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा बस सप्लाई ठेका है। इस फैसले से महाराष्ट्र में शहरों के बीच की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत करने की कोशिश की जाएगी।
ये नई बसें Volvo 9600 मॉडल की होंगी और कंपनी के होस्कोटे के कारखाने में बनाई जाएंगी। यात्रियों की जरूरत को देखते हुए इस मॉडल में सीटर और स्लीपर, दोनों विकल्प रहेंगे। एसी सुविधा और आरामदायक सफर पर जोर होने की वजह से उम्मीद है कि ये बसें लंबी दूरी के सफर के लिए काम की साबित होंगी।
नई Volvo बसें एसटी के ब्रांड के तहत चलेंगी, यानी इन पर एसटी का लोगो होगा। शिवनेरी की किराये की बस सेवा की तरह ड्राइवर और मेंटेनेंस जैसी चीजें प्राइवेट कंपनी संभाले, ऐसी व्यवस्था हो सकती है। लेकिन नई सेवा की आखिरी शर्तों और कामकाज के तरीके का आधिकारिक ब्योरा सामने आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
एसटी के इंफ्रास्ट्रक्चर और महामंडल के ब्रांड पर यात्रियों के भरोसे का फायदा उठाकर ज्यादा यात्रियों को खींचने की कोशिश होगी। खासकर प्राइवेट आराम बस पसंद करने वाले उच्च मध्यमवर्गीय और ज्यादा आमदनी वाले यात्रियों को एसटी की तरफ लाना इस पहल का अहम मकसद है।
बसों को मार्च 2027 तक चरणबद्ध तरीके से बेड़े में लाने का प्लान है। प्रमुख शहरों को जोड़ने वाले और ज्यादा भीड़ वाले लंबी दूरी के रूट्स पर इनकी सेवा शुरू करने का विचार है। हालांकि ये बसें किन रूट्स पर चलेंगी, टिकट का किराया कितना होगा और नियमित फेरियों का टाइमटेबल क्या रहेगा, इसकी आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। इसलिए यात्रियों को इस सेवा का असल फायदा कब से मिलेगा, यह आगे की घोषणाओं के बाद ही साफ होगा।
एसटी महामंडल फिलहाल आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है और आमदनी के नए जरिये बनाने की कोशिश में है। किराया बढ़ाने के बाद भी आमदनी में उम्मीद के मुताबिक सुधार नहीं हुआ, इसलिए यात्रियों को खींचने वाली बेहतर सेवाओं पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में अत्याधुनिक Volvo बसें शुरू करने का फैसला अहम माना जा रहा है।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की जानकारी के मुताबिक, इन बसों को मार्च 2027 तक बेड़े में लाने का प्लान है। नई बस सेवा से एसटी को प्राइवेट आराम बस सेवाओं से मुकाबला करने में मदद मिल सकती है। लेकिन इस पहल की कामयाबी टिकट के दाम, रूट्स के चुनाव, समय की प्लानिंग और सेवा की क्वालिटी पर निर्भर करेगी।