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एसआईआर की गड़बड़ियों पर कांग्रेस का एक महीने का अभियान, गांव-शहर में जाएंगे कार्यकर्ता

कांग्रेस एसआईआर की कथित गड़बड़ियों को उजागर करने के लिए एक महीने तक शहरों और गांवों में अभियान चलाएगी।

एसआईआर की गड़बड़ियों पर कांग्रेस का एक महीने का अभियान, गांव-शहर में जाएंगे कार्यकर्ता तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

कांग्रेस एसआईआर की कथित त्रुटियों को लोगों के सामने रखने के लिए पूरे एक महीने तक देशभर में शहरों और गांव-गांव में अभियान चलाएगी। पार्टी उन सभी मतदाताओं से सीधे मिलेगी, जिनके नाम मतदाता सूची से कट गए हैं। इसी आधार पर कागजात तैयार किए जाएंगे।

यह जानकारी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की निरीक्षक और पूर्व सांसद डॉ. अम्मी याज्ञनिक ने दी। नागपुर के देवड़िया कांग्रेस भवन में स्थानीय कार्यकारिणी की बैठक हुई थी। उसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बात की। इस मौके पर शहर अध्यक्ष प्रफुल गुडधे, जिलाध्यक्ष अश्विन बैस, अशोक धवड़ और अतुल लोंढे मौजूद थे।

याज्ञनिक ने कहा कि 2023 में मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति का कानून बदल दिया गया। इसके तहत समिति से मुख्य न्यायाधीश को हटा दिया गया। प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता की सिफारिश पर एक मंत्री को समिति में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि हमने चुनाव आयुक्त से डिजिटल मतदाता सूची मांगी, लेकिन वह नहीं दी जा रही।

उनका कहना था कि समिति में प्रधानमंत्री मोदी प्रमुख व्यक्ति हैं, फिर भी वे इस पर कुछ नहीं बोलते। उन्होंने मांग की कि पीएम और गृह मंत्री अमित शाह को इस्तीफा देना चाहिए।

कांग्रेस 2 से 8 नवंबर के बीच लोकतंत्र बचाओ अभियान भी चलाएगी। याज्ञनिक ने कहा कि चुनाव आयोग के 2 अन्य सदस्यों के साथ हुई चर्चा का ब्योरा भी मुख्य आयुक्त देने को तैयार नहीं हैं। उनके मुताबिक यह मनमानी कार्यप्रणाली का सबूत है और कांग्रेस की लड़ाई इसी के खिलाफ है।

कार्यकारिणी की बैठक में उन्होंने वोट बचाओ देश बचाओ के संदर्भ में ब्लाक, बूथ, प्रभाग और वार्ड के हिसाब से पदयात्रा, साइकिल रैली और स्कूटर रैली करने के निर्देश दिए। साथ ही 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाले आंदोलन में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।

याज्ञनिक ने बताया कि किसका वोट कैसे चोरी हुआ, यह जनता को बताने के लिए हर गांव में चौपाल और शहरों में हर चौक पर चर्चा होगी। मतदाता सूची चौराहों पर लगाई जाएगी और जांच की जाएगी कि किसका नाम गायब है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आंदोलन किया जाएगा।

बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने गुडधे से शहर कार्यकारिणी का विस्तार करने की मांग की। उनका कहना था कि इससे संगठन को ताकत मिलेगी। गुडधे ने कहा कि बूथ, ब्लाक, प्रभाग और शहर कार्यकारिणी में कार्यकर्ताओं की नियुक्ति करें और नामों की सूची दें, ताकि मंजूरी के लिए उसे प्रदेश कमेटी को भेजा जा सके।

बैठक में बंटी शेलके, सुरेश जग्याशी, विजय सरटकर, नयना झाडे, अजय हटेवार, बंडोपंत टेंभुर्णे, पुरुषोतम हजारे, वासुदेव ढोके, उषा खरबीकर, रवि पराते, जलील अंसारी, अभय रणदिवे, वीणा दरवाडे, नागेश निमजे, आनंद वैरागडे, अशोक वलेकर, अफजल शाह, मोहन मरोडे और अविनाश लोखंडे समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद थे।

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