EPFO पेंशनर अब घर बैठे मोबाइल से जमा कर सकेंगे डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के पेंशनर अब बैंक या पोस्ट ऑफिस की लाइन में लगे बिना स्मार्टफोन से जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करोड़ों पेंशनरों के लिए राहत की खबर है। अब वे अपना डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र घर बैठे जमा कर सकते हैं। पेंशन बिना रुकावट मिलती रहे, इसके लिए हर साल पेंशनरों को यह साबित करना पड़ता है कि वे जिंदा हैं, और यही जीवन प्रमाणपत्र (Digital Life Certificate) का काम है। पहले इसके लिए बुजुर्गों को बैंक या पोस्ट ऑफिस की लाइन में घंटों खड़ा रहना पड़ता था। अब यह परेशानी पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-1995) के तहत पेंशन पाने वाले हर व्यक्ति को हर साल नवंबर के आखिर तक अपना जीवन प्रमाणपत्र देना होता है। समय पर न देने पर पेंशन रुक सकती है। पहले यह काम सिर्फ कागज पर या बायोमेट्रिक मशीन से बैंक और दफ्तरों में ही होता था। केंद्र सरकार ने टेक्नोलॉजी की मदद से इसे पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल कर दिया है। अब स्मार्टफोन से घर पर ही कुछ मिनटों में यह काम निपट जाता है।
प्रक्रिया की शुरुआत मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से दो आधिकारिक ऐप डाउनलोड करने से होती है, 'AadhaarFaceAuth' और 'Jeevan Pramaan Face App'। ऐप खोलने के बाद सबसे पहले ऑपरेटर ऑथेंटिकेशन (Operator Authentication) करना पड़ता है। इसमें ऑपरेटर को अपना आधार नंबर और मोबाइल नंबर डालकर फेस स्कैन यानी चेहरे से पहचान करानी होती है।
ऑपरेटर की पहचान पक्की होने के बाद पेंशनर की जानकारी भरने के लिए नया पेज खुलता है। यहां पेंशनर का आधार नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी सही-सही डालनी है। इसके बाद पेंशनर का पीपीओ नंबर (PPO Number) और बैंक खाते की जानकारी भरें। साथ ही उस संस्था का नाम चुनें जिससे पेंशन मिलती है, जैसे EPFO या संबंधित बैंक।
फिर स्क्रीन पर आने वाले निर्देशों के हिसाब से कैमरे से पेंशनर के चेहरे की फोटो ली जाती है। चेहरा ठीक से स्कैन हो जाए तो डिजिटल हस्ताक्षर के साथ जीवन प्रमाणपत्र बन जाता है। प्रक्रिया पूरी होने पर मोबाइल पर कन्फर्मेशन मैसेज आता है और Pramaan ID तथा Life Certificate ID मिल जाती है। इनसे डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र डाउनलोड किया जा सकता है। यह प्रमाणपत्र सीधे संबंधित EPFO दफ्तर या बैंक में ऑनलाइन अपडेट हो जाता है।
जिन बुजुर्गों को स्मार्टफोन चलाने में दिक्कत होती है, उनके लिए दूसरे रास्ते भी हैं। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के जरिए पोस्टमैन घर आकर बहुत मामूली शुल्क में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनवा देता है। इसके अलावा पास के कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), यानी आपले सरकार सेवा केंद्र या महा-ई-सेवा केंद्र में बायोमेट्रिक मशीन की मदद से यह प्रमाणपत्र तुरंत जमा किया जा सकता है।
प्रशासन की ओर से पेंशनरों से अपील की गई है कि वे समय पर अपना डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा करें, ताकि बिना किसी रुकावट के नियमित पेंशन मिलती रहे।
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