EPFO की दो नई सुविधाएं: व्हॉट्सऐप पर पीएफ की जानकारी, छोटे निष्क्रिय खातों का अपने आप निपटारा
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कर्मचारी भविष्य निर्वाह निधि संगठन ने अपने 74वें स्थापना दिवस पर पीएफ खाताधारकों के लिए दो नई सेवाएं शुरू की हैं।
कर्मचारी भविष्य निर्वाह निधि संगठन (EPFO) ने पीएफ खाताधारकों के लिए दो नई सुविधाएं शुरू की हैं। केंद्रीय श्रम और रोजगार तथा युवा कार्यक्रम व खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने रविवार को ईपीएफओ के 74वें स्थापना दिवस पर इनका ऐलान किया।
नई दिल्ली के डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में स्थापना दिवस का कार्यक्रम हुआ। वहीं दोनों सुविधाओं की जानकारी दी गई।
पहली सुविधा व्हाट्सऐप की है। अब पीएफ खाताधारक आधिकारिक और सत्यापित व्हाट्सऐप सेवा के जरिए अपना पीएफ बैलेंस, हाल के लेन-देन और पासबुक की जानकारी देख सकेंगे। इससे पीएफ की जानकारी के लिए बार-बार दफ्तर के चक्कर लगाने या अलग-अलग प्रक्रियाओं से गुजरने की जरूरत कम होगी।
दूसरी सुविधा निष्क्रिय खातों से जुड़ी है। जिन निष्क्रिय पीएफ खातों में आधार सत्यापन पूरा हो चुका है और जिनमें एक हजार रुपये तक की रकम है, उनका निपटारा अब अपने आप किया जाएगा। उम्मीद है कि इससे करीब 1 लाख खाताधारकों को फायदा होगा और उनके खातों में लगभग पांच करोड़ रुपये पहुंचेंगे।
मांडविया ने कहा कि पिछले 74 साल में ईपीएफओ एक आम भविष्य निधि संस्था से देश की अहम सामाजिक सुरक्षा संस्थाओं में से एक बन गया है। आज 8 करोड़ से ज्यादा सदस्य और 85 लाख पेंशनधारक ईपीएफओ से जुड़े हैं। संगठन करीब 32 लाख करोड़ रुपये के रिटायरमेंट फंड का प्रबंधन कर रहा है।
उन्होंने कहा कि कामगारों और पेंशनधारकों का भरोसा ही ईपीएफओ की सबसे बड़ी ताकत है। मांडविया के मुताबिक कामगारों की समस्याएं सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया से नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और सम्मान के साथ सुलझाना जरूरी है।
संगठन ने बताया कि तकनीकी सुधारों से पीएफ दावों के निपटारे में लगने वाला समय घटा है। अक्टूबर 2026 में दावों के निपटारे का औसत समय 2.57 दिन रहा। संगठन के मुताबिक सीटीज 2.01 नाम की तकनीकी पहल से सदस्यों को पीएफ से जुड़ी सेवाएं ज्यादा तेजी से और आसान तरीके से मिल रही हैं।
श्रम और रोजगार मंत्रालय के सचिव डॉ. चंद्र भूषण कुमार ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का फायदा असंगठित क्षेत्र के कामगारों तक भी पहुंचना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल दौर में संस्थाओं को तकनीक के हिसाब से खुद को लगातार बदलते रहना होगा।
स्थापना दिवस पर सामाजिक सुरक्षा, प्रशासनिक सुधार, अदालती फैसलों और हिंदी साहित्य से जुड़े सात अहम प्रकाशनों का लोकार्पण भी हुआ। बेहतरीन काम करने वाले क्षेत्रीय दफ्तरों, अफसरों और कर्मचारियों को भविष्य निधि पुरस्कार 2026 देकर सम्मानित किया गया।
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