पहली नौकरी लगी है? EPFO का कोर्स करने पर सरकार से मिलेगा 15,000 रुपये तक का प्रोत्साहन
पहली बार औपचारिक नौकरी करने वालों को एक महीने की सैलरी के बराबर, अधिकतम 15,000 रुपये, दो किस्तों में मिलेंगे।
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अगर आपकी या आपके बच्चे की पहली नौकरी लगी है, तो सरकार की एक योजना के तहत सीधे बैंक खाते में पैसे आ सकते हैं। इस योजना में पात्र कर्मचारियों को एक महीने की सैलरी के बराबर प्रोत्साहन राशि मिलती है, जिसकी अधिकतम सीमा Rs 15,000 है।
यह रकम एक बार में नहीं मिलती, दो किस्तों में दी जाती है। पहली किस्त लगातार छह महीने नौकरी पूरी करने के बाद मिलती है। दूसरी किस्त के लिए 12 महीने की नौकरी पूरी करनी होगी और साथ ही EPFO के सदस्य पोर्टल पर मौजूद वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम भी पूरा करना होगा। यानी सिर्फ नौकरी मिल जाने से पूरी रकम अपने आप नहीं मिल जाएगी, तय शर्तें पूरी करनी पड़ेंगी।
अब सवाल यह कि इसका फायदा कौन ले सकता है। इसके लिए कुछ शर्तें हैं। कर्मचारी पहली बार औपचारिक नौकरी में हो और इससे पहले कभी EPFO का सदस्य न रहा हो। उसकी मासिक सैलरी Rs 1 लाख तक होनी चाहिए। साथ ही कर्मचारी का EPFO में रजिस्टर्ड होना जरूरी है।
नौकरी शुरू करने का समय भी तय है। EPFO के मुताबिक 1 अगस्त 2025 से 7 जुलाई 2027 के बीच नौकरी पाने वाले पात्र कर्मचारी इस योजना के लिए योग्य हैं। इसके अलावा कर्मचारी का बैंक खाता आधार से जुड़ा होना चाहिए, ताकि प्रोत्साहन राशि सीधे खाते में भेजी जा सके।
EPFO ने 16 अक्टूबर 2026 को अपने आधिकारिक हैंडल @officialepfo से भी इसकी जानकारी दी। पोस्ट में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के हैशटैग के साथ पहली बार नौकरी करने वालों से कहा गया कि उनका प्रोत्साहन बस एक कोर्स दूर है। EPFO के सदस्य पोर्टल पर वित्तीय साक्षरता कोर्स पूरा करने पर 15,000 तक के प्रोत्साहन के लिए पात्रता बनती है।
दूसरी किस्त पाने के लिए कर्मचारी को EPFO सदस्य पोर्टल पर जाकर यह वित्तीय साक्षरता कोर्स करना होगा। इस कार्यक्रम का मकसद कर्मचारियों को बचत, आर्थिक नियोजन और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के बारे में समझाना है। कोर्स पूरा होने के बाद ही दूसरी किस्त की पात्रता बनेगी।
सरकार ने यह योजना औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देने और पहली बार नौकरी करने वालों को आर्थिक मदद देने के लिए शुरू की है।