संजय राऊत का दावा: छह-सात महीने में पद छोड़ देंगे मोदी, फडणवीस से माफी की मांग
शिवसेना ठाकरे गुट के सांसद संजय राऊत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और मुख्यमंत्री फडणवीस पर निशाना साधा।
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शिवसेना ठाकरे गुट के सांसद संजय राऊत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। रविवार, 11 अक्टूबर को हुई पत्रकार परिषद में राऊत ने कहा कि नरेंद्र मोदी आने वाले मार्च महीने तक सत्ता में नहीं रहेंगे। यह उनकी भविष्यवाणी है।
यह बयान ऐसे वक्त आया है जब देश में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जगह-जगह आंदोलन हो रहे हैं। दिल्ली और मुंबई में पुलिस आंदोलनकारियों को बड़ी संख्या में हिरासत में ले रही है। पुलिस की इस कार्रवाई पर काफी नाराजगी जताई जा रही है। विपक्ष केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर जोरदार हमला कर रहा है।
राऊत ने बीजेपी के अंदर कथित मतभेदों का मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उनका दावा है कि बीजेपी के चार बड़े नेता इस वक्त अलग मनःस्थिति में हैं और इनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एक बड़ा नेता भी शामिल है। राऊत ने यह भी कहा कि आने वाले समय में बीजेपी के कई नेता मोदी और शाह से दूर चले जाएंगे। उन्होंने भविष्यवाणी की कि अगले छह से सात महीनों में मोदी प्रधानमंत्री पद से हट जाएंगे।
दिल्ली में हो रहे CJP आंदोलन और आंदोलनकारियों को हिरासत में लेने की कार्रवाई पर भी राऊत ने केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। उनके मुताबिक यह मामला सिर्फ एक संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के लोकतंत्र से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस पूर्व मुख्यमंत्री और सांसदों को हिरासत में ले रही है, और कहा कि देश में आपातकाल जैसे हालात बन गए हैं। राऊत ने यह भी जिक्र किया कि मोदी और शाह के निवासों के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है और इस पर भी सरकार को घेरा।
मुंबई के आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी की गिरफ्तारी पर भी राऊत ने नाराजगी जताई। उन्होंने तुषार गांधी को हिरासत में लेने की कार्रवाई पर सवाल उठाए और मांग की कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इसके लिए माफी मांगें।
बीजेपी को मिलने वाले फंड को लेकर भी संजय राऊत ने सवाल खड़े किए। उन्होंने मांग की कि यह जानकारी सामने आनी चाहिए कि बीजेपी को आर्थिक मदद किससे मिली। इसी सिलसिले में उन्होंने पीएम फंड और वोट चोरी के आरोपों का भी जिक्र किया।
अब राजनीतिक गलियारों की नजर इस पर है कि मोदी की सत्ता को लेकर किए गए इस दावे, बीजेपी के कथित मतभेदों और फंड से जुड़े आरोपों पर बीजेपी की क्या प्रतिक्रिया आती है।