वर्धा पुलिस ने नोएडा से पकड़ा खेती-कारोबार में डिस्ट्रिब्यूटरशिप के नाम पर ठगी का वांछित आरोपी
सात दिन की तलाश के बाद वर्धा शहर पुलिस के विशेष दस्ते ने उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर 168 से वांछित आरोपी जसवंत सिंह को हिरासत में लिया।
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वर्धा शहर पुलिस ने धोखाधड़ी के एक मामले में वांछित आरोपी जसवंत सिंह को उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर नंबर 168 से ताब्यात में लिया है। आरोपी की उम्र 39 साल बताई गई है। वह उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के जसवंत नगर तहसील के तमेरी गांव का रहने वाला है।
मामला पुलिस स्टेशन वर्धा शहर में 28 दिसंबर 2023 को दर्ज हुआ था। अपराध क्रमांक 1674/2023 है और इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 34 लगाई गई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी इसी मामले में वांछित था।
आरोप है कि उसने किसानों और व्यापारियों को खेती की उपज और बीज की खरीद-बिक्री का कारोबार शुरू करने के लिए अलग-अलग लाइसेंस और डिस्ट्रिब्यूटरशिप दिलाने का लालच दिया। आरोप के मुताबिक उसने इस कारोबार से बड़ा मुनाफा होने का भरोसा भी दिलाया और इस तरह आर्थिक धोखाधड़ी की। अभी तक यह आरोप ही है और मामले की जांच जारी है।
आरोपी की तलाश में अब तक पुलिस की टीम चार बार निकल चुकी थी, लेकिन वह हाथ नहीं आया था। इसके बाद पुलिस निरीक्षक नागेशकुमार चतरकर ने वर्धा शहर पुलिस का एक विशेष दस्ता बनाया।
इस दस्ते ने आरोपी के छिपने की संभावित जगहों को बारीकी से खंगाला और लगातार सात दिन तक उत्तर प्रदेश और दिल्ली में अलग-अलग जगह जांच और तलाश अभियान चलाया। आरोपी का पता लगाने के लिए टीम दिल्ली और नोएडा गई। वह उसके पैतृक गांव तमेरी के साथ जसवंतनगर, रजमउ और बैदपूरा जैसी जगहों पर भी पहुंची और वहां से जानकारी जुटाई।
पुलिस को दिखा कि आरोपी पुलिस के हाथ न लगे, इसलिए बार-बार अपनी जगह बदल रहा था। इसके बावजूद टीम ने उपलब्ध तकनीकी और गोपनीय जानकारी के सहारे उसकी हरकतों का पीछा किया, उसका ठिकाना पक्का किया और नोएडा के सेक्टर 168 से उसे हिरासत में ले लिया।
हिरासत के बाद आरोपी को स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया और जरूरी ट्रांजिट वारंट लिया गया। फिर उसे पुलिस स्टेशन वर्धा शहर लाया गया है। उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच चल रही है।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि आरोपी के खिलाफ पुलिस स्टेशन वर्धा शहर, पुलिस स्टेशन हिंगणघाट और चंद्रपुर जिले के राजुरा में कुछ मामलों में नॉन बेलेबल वारंट लंबित हैं। महाराष्ट्र के और किन पुलिस स्टेशनों में उसके खिलाफ केस दर्ज हैं या कोर्ट के नॉन बेलेबल वारंट बाकी हैं, इसकी जानकारी संबंधित पुलिस स्टेशनों से जुटाकर जांच की जा रही है। अगर वह किसी और मामले में वांछित निकला तो उन पुलिस स्टेशनों को जानकारी देकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल, वर्धा के अपर पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे और उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुनील महाडिक के मार्गदर्शन में हुई। नेतृत्व पुलिस स्टेशन वर्धा शहर के पुलिस निरीक्षक नागेश कुमार चतरकर ने किया।
कार्रवाई में गुन्हे प्रकटीकरण पथक के पुलिस उपनिरीक्षक शरद गायकवाड़, घनश्याम जाधव, पुलिस हवलदार महेंद्र पाटील (क्रमांक 523), पुलिस हवलदार अभिजीत वाघमारे (क्रमांक 1416), पुलिस अंमलदार रंजीत भुरसे (क्रमांक 1717) और अमोल साळवन (क्रमांक 970) शामिल थे। साइबर सेल के पुलिस हवलदार अक्षय राउत (क्रमांक 1403) ने भी इसमें साथ दिया।