एम्स में दाखिले का झांसा देकर नागपुर के परिवार से 10 लाख की ठगी, केस दर्ज
कलमना पुलिस ने बेटी को मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर रुपए ऐंठने के आरोप में युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
नागपुर के कलमना इलाके में रहने वाले एक परिवार को अपनी बेटी का एमबीबीएस में एडमिशन करवाने के चक्कर में 10 लाख रुपए की चपत लग गई। आरोप है कि एक शख्स ने खुद को प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों, यहां तक कि एम्स में भी सीट दिलवाने वाला बताकर परिवार का भरोसा जीता और इसके लिए कथित तौर पर फर्जी कागजात भी बनाए। रुपए लेने के बाद भी जब बेटी का दाखिला कहीं नहीं हुआ, तो परिवार को समझ आया कि उनके साथ धोखा हुआ है। शिकायत मिलने पर कलमना पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के मुताबिक, कलमना में रहने वाले दिनेश ठाकरे की बेटी ने नीट-यूजी की परीक्षा दी थी। इसी बीच पिछले साल 1 अगस्त से दुर्गा नगर, भरतवाड़ा में रहने वाला आशीष गोसावी ठाकरे परिवार के संपर्क में आया। आरोप है कि उसने दावा किया कि वह छात्रा को किसी नामी मेडिकल इंस्टिट्यूट में एमबीबीएस में एडमिशन दिलवा सकता है। एम्स समेत दूसरे बड़े मेडिकल कॉलेजों में सीट दिलाने का भरोसा देकर उसने कथित तौर पर परिवार को अपने जाल में फंसा लिया।
पुलिस का कहना है कि एडमिशन प्रोसेस, कॉलेज फीस और बाकी खर्चों के नाम पर आरोपी ने ठाकरे से अलग-अलग समय पर किस्तों में रकम लेनी शुरू की। बेटी के दाखिले की उम्मीद में परिवार ने उस पर यकीन करते हुए कुल मिलाकर 10 लाख रुपए दे दिए।
जब कहीं भी एडमिशन नहीं हुआ, तो परिवार ने आशीष से जवाब मांगना शुरू किया। इसके बाद, आरोप के मुताबिक, वह लगातार टालमटोल करने लगा। कभी एडमिशन प्रोसेस चलने की बात कहकर तो कभी कोई और बहाना बनाकर उसने परिवार को इंतजार करवाया। काफी वक्त गुजर जाने के बाद भी न तो कॉलेज में दाखिला हुआ, न ही रकम वापस मिली।
आखिरकार ठाकरे परिवार को शक हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। दिनेश ठाकरे ने कलमना पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी आशीष गोसावी के खिलाफ धोखाधड़ी और इससे जुड़ी अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपी द्वारा बनाए गए कथित फर्जी दस्तावेजों और 10 लाख रुपए के लेन-देन की जांच में जुट गई है।