दुर्गापुर की KVR कंपनी में खंडणी के आरोप में तीन गिरफ्तार, मैनेजर बोले पगार मांगने आए थे
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चंद्रपुर के दुर्गापुर में वेकोलि के तहत आने वाली KVR कंपनी में खंडणी मांगने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम अजय कुचनकर, सुमित रामटेके और पवन जाधव हैं। इस मामले में 7 अक्टूबर को दुर्गापुर पुलिस स्टेशन में गुनाह दर्ज किया गया था।
यह कार्रवाई कंपनी के मैनेजर साईप्रकाश गाजूला की शिकायत पर हुई है। लेकिन अब मामले ने नया मोड़ ले लिया है, क्योंकि गाजूला ने मीडिया से कहा है कि ये नौजवान पगार मांगने के लिए आए थे। पुलिस आगे की जांच कर रही है।
पहले पुलिस की तरफ से बताई गई बात देखें। 7 अक्टूबर को दुर्गापुर पुलिस स्टेशन की हद में आने वाले वरवट की KVR कंपनी से मैनेजर साईप्रकाश गाजूला ने पुलिस को कॉल किया। उनके मुताबिक कुछ नौजवान कंपनी में हंगामा कर रहे थे और पैसों की मांग कर रहे थे। दुर्गापुर पुलिस फौरन कंपनी पहुंची और अजय कुचनकर, सुमित रामटेके व पवन जाधव को गिरफ्तार कर उन पर गुनाह दर्ज किया। हालांकि कहा जा रहा है कि मामला उतना सीधा नहीं है जितना दिख रहा है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आरोप है कि इन तीनों नौजवानों ने कहा कि कंपनी चलने नहीं देंगे, और अगर चलानी है तो हर महीने 50 हजार रुपये दो। बताया गया कि कंपनी के मैनेजर की शिकायत पर ही यह कार्रवाई की गई है।
दूसरी तरफ शिकायतकर्ता गाजूला ने मीडिया को इसके उलट जानकारी दी। उनका कहना है कि ये नौजवान पगार मांगने आए थे और उसी से यह सारा झगड़ा हुआ। यहीं से सवाल उठता है कि अगर वे पगार मांगने आए थे, तो उन पर खंडणी का गुनाह क्यों दर्ज हुआ? और अगर वे कंपनी में काम करते थे, तो उन्हें खंडणी मांगने की क्या जरूरत थी? इस पर पुलिस का जवाब था कि गाजूला को बात समझ में नहीं आई, इसलिए उन्होंने वह जानकारी दी।
अगर तीनों आरोपियों ने सचमुच खंडणी मांगी है, तो उन पर कार्रवाई होनी ही चाहिए। लेकिन अगर कंपनी ने दबाव डालकर यह सब करवाया है, तो यह नाइंसाफी की बात होगी। कंपनी में काम करने के बाद अगर पगार न मिले, तो आदमी पगार मांगने जाएगा ही। फिर यहां खंडणी का गुनाह क्यों दर्ज किया गया, यह बात समझ से परे है। मामले की आगे की जांच दुर्गापुर पुलिस कर रही है।