नागपुर में सार्वजनिक जगहों पर धूम्रपान और नशे पर रोक, सीपी का आदेश 6 दिसंबर तक
सीपी विश्वास नांगरे पाटिल ने बीएनएसएस की धारा 163 के तहत अधिसूचना जारी की है। होटल, कैफे और बार संचालकों की जिम्मेदारी बढ़ गई है।
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नागपुर शहर में सार्वजनिक जगहों पर सिगरेट-बीड़ी पीने, तंबाकू वाले पदार्थ खाने और नशे की गतिविधियों को रोकने के लिए सीपी विश्वास नांगरे पाटिल ने सख्ती शुरू कर दी है। इसके लिए उन्होंने एक अधिसूचना जारी की है।
यह अधिसूचना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत निकाली गई है। इसमें सार्वजनिक जगहों पर धूम्रपान और नशीले पदार्थों के सेवन पर रोक से जुड़े निर्देश दिए गए हैं। आदेश 6 अक्टूबर को जारी हुआ था और यह 6 दिसंबर 2026 की रात 12 बजे तक लागू रहेगा।
आदेश के दायरे में होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, बार और स्कूल-कॉलेज की कैंटीन समेत दूसरी सार्वजनिक जगहें आएंगी। इन जगहों के संचालकों को अपने परिसर में ऐसी जगह पर, जो सबको साफ दिखे, एक बोर्ड लगाना होगा जिस पर साफ लिखा हो कि यहां धूम्रपान मना है। यह उनके लिए जरूरी किया गया है।
होटल, रेस्टोरेंट, कैफे और ऐसे दूसरे प्रतिष्ठानों से कहा गया है कि जरूरत के हिसाब से महिला और पुरुष दोनों तरह के सुरक्षा कर्मचारी रखें। जो लोग ग्राहकों के साथ बदसलूकी करें, उन पर कार्रवाई करनी होगी। कोई संदिग्ध या गंभीर घटना हो तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिन प्रतिष्ठानों में कानून के तहत ग्राहकों को धूम्रपान की इजाजत है, वहां अलग से डेजिग्नेटेड स्मोकिंग एरिया बनाना पड़ेगा। यह जगह आम ग्राहकों के बैठने या खाना खाने की जगह से पूरी तरह अलग होनी चाहिए।
नो स्मोकिंग के बोर्ड लगवाना और धूम्रपान के नियमों का पालन पक्का करना प्रतिष्ठान मालिक की जिम्मेदारी होगी। सीपी विश्वास नांगरे पाटिल के आदेश में यह भी कहा गया है कि प्रतिष्ठानों के परिसर में नशीले पदार्थों का सेवन नहीं होने दिया जाए।
ग्राहकों के आने-जाने के रास्तों, पार्किंग और दूसरी संवेदनशील जगहों पर काफी सुरक्षा इंतजाम रखने को कहा गया है। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाना और उनकी रिकॉर्डिंग कम से कम 15 दिन तक संभालकर रखना जरूरी किया गया है।
अधिसूचना में साफ किया गया है कि आदेश तोड़ने वाले के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई होगी। पुलिस के इस आदेश से शहर में सार्वजनिक जगहों पर धूम्रपान के साथ हुक्का और नशीले पदार्थों के सेवन को लेकर होटल और कैफे संचालकों की जवाबदेही भी बढ़ गई है।