नागपुर में तलाक के समझौते की बैठक में चाकू चले, दो घायल, सात पर केस दर्ज
सदर पुलिस ने एक महिला समेत सात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है और हर आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है।
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नागपुर के सदर पुलिस थाना इलाके में सोमवार शाम तलाक के मामले में समझौते के लिए जमा हुए दो परिवारों के बीच झगड़ा हो गया। झगड़ा बढ़ते-बढ़ते चाकू चलने तक पहुंच गया और दो लोग घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सदर पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत सात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों में से हर एक की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस में दी गई शिकायत के मुताबिक शिकायतकर्ता सुमन कैलास पुसाटे (50) के भतीजे और उसकी पत्नी के बीच काफी समय से घरेलू विवाद चल रहा था। इसी विवाद को आपसी रजामंदी से खत्म करने और तलाक की कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए दोनों परिवार सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय के पास जमा हुए थे।
बताया गया है कि बातचीत तलाक के कागज तैयार करने और शादी के वक्त दिए गए गहने व दूसरे सामान लौटाने को लेकर चल रही थी। इसी दौरान किसी बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते तीखी बहस में बदल गई।
शिकायत में कहा गया है कि सुमन पुसाटे और उनकी बहन ने इस कथित झगड़े का विरोध किया। इसी बीच आरोपी मयूर भगत (40) ने कथित तौर पर रवींद्र भाऊराव लोहकरे (60) पर चाकू से हमला कर दिया। वार रवींद्र के सिर पर लगा और वे घायल हो गए।
भाई को बचाने के लिए रंगनाथ भाऊराव लोहकरे (44) बीच में आए। आरोप है कि तभी मयूर भगत ने रंगनाथ के पेट पर भी चाकू मार दिया। दोनों के घायल हो जाने के बाद भी झगड़ा नहीं रुका और आरोप है कि दूसरे लोगों ने उन्हें लात-घूंसों से भी पीटा।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल रवींद्र और रंगनाथ को फौरन अस्पताल ले जाया गया। घटना की सूचना मिलने के बाद सदर पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों में मयूर भगत, उसकी पत्नी, उसका छोटा भाई, अमरावती की रहने वाली दीक्षा सुचित मून (28), दीक्षा मून के पिता (60) और दो अन्य पुरुष रिश्तेदार शामिल हैं।
सदर पुलिस अब घटना के वक्त मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है और हर आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है।