दिवाली पर 8 नवंबर को पुणे मेट्रो लाइन 3 की आखिरी ट्रेनें शाम को ही रवाना होंगी
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रविवार 8 नवंबर 2026 को लाइन 3 पर पहली सेवा सुबह 6:00 बजे चलेगी, लेकिन दोनों तरफ की आखिरी मेट्रो रोज से काफी पहले निकलेगी। लाइन 1 और 2 से जुड़ाव पहले जैसा रहेगा।
हिंजवडी आईटी पार्क को शहर से जोड़ने वाली पुणे मेट्रो लाइन 3 के समय में दिवाली के मौके पर बदलाव किया गया है। पुणे मेट्रो प्रशासन ने बताया है कि रविवार 8 नवंबर 2026 को इस लाइन की सेवा सुधारे हुए टाइम-टेबल के हिसाब से चलेगी। उस दिन पहली मेट्रो सुबह 6:00 बजे रवाना होगी। बदलाव आखिरी मेट्रो के समय में किया गया है, और यह दोनों रूट पर लागू होगा।
माण से जिला न्यायालय की तरफ जाने वाली आखिरी मेट्रो उस दिन शाम 7:40 बजे निकलेगी। आम दिनों में यह रात 10:30 बजे छूटती है। जिला न्यायालय से माण की तरफ आने वाली आखिरी मेट्रो रात 8:40 बजे चलेगी, जबकि रोज इसका समय रात 11:40 बजे है।
जो यात्री पुणे मेट्रो की लाइन 1 और लाइन 2 से सफर करते हैं, उन्हें लाइन 3 के साथ जुड़ाव की सुविधा हमेशा की तरह मिलती रहेगी। यानी मेट्रो के अलग-अलग रूट के बीच यात्री बिना किसी रुकावट के सफर कर सकेंगे और लाइन बदल सकेंगे।
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे नए टाइम-टेबल को ध्यान में रखकर अपना सफर तय करें, ताकि उन्हें कोई परेशानी न हो। महामेट्रो की तरफ से लाइन 1 और 2 के टाइम-टेबल में जो बदलाव किए गए हैं, उन्हीं के हिसाब से लाइन 3 का समय भी बदला गया है।
शिवाजीनगर से हिंजवडी तक की यह मेट्रो लाइन कई साल के इंतजार के बाद बुधवार 4 नवंबर को यात्रियों के लिए खोली गई। पहले दिन यात्रियों ने 'गणपती बाप्पा मोरिया' के नारे लगाकर मेट्रो का स्वागत किया। आईटी कर्मचारियों, नौकरीपेशा लोगों और महिला यात्रियों में खासा उत्साह दिखा।
लाइन शुरू होने से हिंजवडी आईटी पार्क में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों को रोज के ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। आईटी कर्मचारी कुणाल धांडे के मुताबिक उन्हें आर.के. लक्ष्मण स्टेशन से टीसीएस तक पहुंचने में सिर्फ 22 मिनट लगे। यात्रियों ने स्टेशन के नीचे बनी दोपहिया पार्किंग की सुविधा और आसान टिकट सिस्टम की भी तारीफ की।
आईटी सेक्टर में काम करने वाली महिलाओं के लिए भी यह मेट्रो राहत लेकर आई है। देर रात कैब या निजी गाड़ी से सफर करने में जो परेशानी और सुरक्षा की चिंता रहती थी, उसके बीच अब उनके पास सार्वजनिक परिवहन का नया विकल्प है। पहली महिला यात्री शिवानी इंद्रे ने कहा कि वे कई महीने से मेट्रो शुरू होने का इंतजार कर रही थीं। उनके शब्दों में, रात में कैब से सफर करते समय डर लगता था, लेकिन मेट्रो शुरू होने के बाद सफर ज्यादा सुरक्षित और तनावमुक्त हो गया है।
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