दिल्ली में प्रदूषण का कहर, पांचवीं तक के स्कूलों की छुट्टी का ऐलान
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दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर में AQI 382 दर्ज हुआ। आयोग ने ग्रैप का तीसरा चरण लागू किया और पांचवीं तक के स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए।
नई दिल्ली: दिवाली से पहले ही दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण ने गंभीर मोड़ ले लिया है। हवा गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 के करीब पहुंच गया है, जिससे हवा की क्वालिटी काफी गिर गई है। राजधानी दिल्ली में AQI 382 दर्ज किया गया।
इसे देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) का तीसरा चरण लागू कर दिया है। इसके तहत निर्माण, वाहनों की आवाजाही और औद्योगिक कामकाज पर पाबंदियां लगाई गई हैं।
बच्चों की सेहत पर प्रदूषण के असर को ध्यान में रखते हुए पांचवीं तक के स्कूल बंद रखने और ऑनलाइन क्लास चलाने के निर्देश दिए गए हैं। निजी कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे अपने कर्मचारियों से घर से काम कराएं या मिली-जुली व्यवस्था अपनाएं।
ग्रैप-3 में गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रोक लगाई गई है। मिट्टी की खुदाई, नींव के लिए पाइलिंग और खंदक की खुदाई बंद रहेगी। रेडीमिक्स कंक्रीट प्रोजेक्टों के भी कुछ काम नहीं होंगे। रेत और सीमेंट जैसे निर्माण सामान की ढुलाई पर भी पाबंदी रहेगी। स्टोन क्रशर, खनन और प्रदूषण फैलाने वाले हॉटमिक्स प्लांट बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
वाहनों पर भी सख्ती है। दिल्ली-एनसीआर में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाली चारपहिया गाड़ियां चलाने पर रोक लगा दी गई है। दूसरे राज्यों से आने वाली डीजल बसें दिल्ली में दाखिल नहीं हो सकेंगी। जरूरी सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी पाबंदी रहेगी।
ग्रैप के कुल चार चरण हैं, जो प्रदूषण की गंभीरता के हिसाब से लगाए जाते हैं। AQI 201 से 300 के बीच हो तो पहला चरण लगता है। 301 से 400 के बीच दूसरा, 401 से 450 के बीच तीसरा और 450 से ऊपर जाने पर चौथा चरण लागू होता है। हालांकि प्रदूषण के अनुमान और मौजूदा हालात को देखकर आयोग एहतियाती फैसला भी ले सकता है, यानी चरण की सीमा पार होने से पहले भी कदम उठाए जा सकते हैं।
दिवाली के मौके पर दिल्ली में प्रदूषण को काबू में रखना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बन गया है।
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