दिवाली में म्हाडा लाएगा रेंटल हाउसिंग पोर्टल, किराये का घर मिलेगा नाममात्र खर्च पर
म्हाडा आने वाली दिवाली में रेंटल हाउसिंग पोर्टल शुरू करेगा, जिससे मकान मालिक और किराएदार सीधे जुड़ेंगे और दलालों की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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किराये का घर ढूंढने वालों के लिए म्हाडा ने राहत भरा कदम उठाया है। राज्य भर में आम लोगों को आसान और पारदर्शी तरीके से किराये के घर मिल सकें, इसके लिए म्हाडा आने वाली दिवाली में एक खास रेंटल हाउसिंग पोर्टल (Rental Housing Portal) शुरू करने जा रहा है।
इस प्रोजेक्ट को बनाने, चलाने और लागू करने के लिए गृहनिर्माण विभाग की तरफ से म्हाडा को नोडल एजेंसी के तौर पर औपचारिक रूप से नियुक्त किया जाएगा। इस पर अंतिम फैसला आने वाले हफ्ते में होने की पूरी संभावना है।
मुंबई और दूसरे बड़े शहरों में पढ़ाई या नौकरी के लिए आने वाले युवाओं और आम लोगों को किराये का घर खोजते समय बेवजह परेशानी झेलनी पड़ती है। एजेंटों या दलालों की भारी वसूली और उनकी दादागिरी से आम आदमी तंग रहता है। म्हाडा के इस नए पोर्टल से मकान मालिक और किराएदार सीधे एक-दूसरे से जुड़ जाएंगे। नतीजा यह कि घर किराये पर लेने या देने के लिए किसी पर निर्भर रहने या दलालों को मोटा कमीशन देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लोगों को सिर्फ नाममात्र का 'सर्व्हिस चार्ज' भरकर इस सुविधा का पूरा फायदा मिल सकेगा।
पोर्टल बनाने और उसकी तकनीकी देखरेख का ठेका जानी-मानी कंपनी टाटा कन्सल्टन्सी सर्व्हिसेस (TCS) को दिया गया है। केंद्र सरकार के निर्देश के मुताबिक मुंबई समेत महानगर क्षेत्र (MMR) में आगे ग्रोथ हब बनाए जाएंगे, इसलिए किराये के घरों की मांग काफी बढ़ने वाली है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने म्हाडा के जरिए एक व्यापक रेंटल हाउसिंग पॉलिसी तैयार की है, जो फिलहाल मंजूरी के आखिरी दौर में है।
इस हाइटेक पोर्टल पर सिर्फ घर खोजना ही नहीं, घर के लेन-देन से जुड़ी बाकी जरूरी चीजें भी एक ही जगह मिलेंगी। इनमें किराया करारनामा (Rent Agreement) शामिल है, यानी ऑनलाइन और आसान तरीके से कानूनी करार करने की सुविधा। मकान मालिक और किराएदार की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन पुलिस वेरिफिकेशन भी होगा।
पोर्टल से होने वाले सभी लेन-देन को कानूनी सुरक्षा मिलेगी। कोई विवाद हो तो जल्द निपटारे के लिए 'ई-कोर्ट' की सुविधा भी दी जाएगी। इसके अलावा बीमा सुरक्षा पर अभी विचार चल रहा है। कई बार किराएदार पैसे डुबा दे तो मकान मालिक को नुकसान होता है। इसका हल निकालने के लिए घर के किराये को 'बीमे का कवच' देने की नई योजना फिलहाल सरकार के विचाराधीन है।
दिवाली में पोर्टल चालू होने के बाद लोगों की घर ढूंढने की भागदौड़ पूरी तरह खत्म होगी। मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र के किराया बाजार में पारदर्शिता और सहूलियत आएगी।
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