कोरपना के यशोधन विहार म्हाडा योजना में नए फ्लैट को दरारें, रहिवासी की शिकायत
म्हाडा के नागपुर विभाग से तकनीकी जांच की मांग, फ्लैट खरीदने के तुरंत बाद निर्माण में दरारें दिखने का आरोप
कोरपना स्थित यशोधन विहार (म्हाडा) प्रोजेक्ट के फ्लैट्स के निर्माण की क्वालिटी पर सवाल उठा है। फ्लैट खरीदने के बाद थोड़े ही दिनों में निर्माण में दरारें आने की शिकायत फ्लैट धारक ज्ञानेश्वर गोखरे ने म्हाडा के नागपुर डिवीजन से की है। इस मामले की स्वतंत्र तकनीकी जांच हो और दोष पाए जाने पर संबंधितों पर नियमानुसार कार्रवाई हो, ऐसी मांग उन्होंने की है।
गोखरे ने प्रोजेक्ट में फ्लैट नंबर 39/08 28 जुलाई 2025 को 10 लाख 26 हजार 790 रुपये में खरीदा था। लेकिन खरीदने के थोड़े ही समय बाद फ्लैट के निर्माण में दरारें/क्रैक्स दिखाई देने लगीं, ऐसा उनकी शिकायत में बताया गया है। उनके दावे के मुताबिक, इसी प्रोजेक्ट के कुछ और फ्लैट्स में भी रहवासियों को ऐसी ही दरारें मिलने की जानकारी मिली है। इसलिए ये दरारें सिर्फ प्लास्टर तक सीमित हैं या निर्माण के मूल ढांचे से जुड़ी हैं, यह तकनीकी जांच से साफ होना चाहिए, ऐसा गोखरे का कहना है।
शिकायत में प्रोजेक्ट के आर.सी.सी. काम की स्वतंत्र जांच करने की मांग की गई है। निर्माण के दौरान कंक्रीट के क्यूब सैंपल्स लिए गए थे या नहीं, उनकी पहचान, तारीख, जगह और संबंधित क्वालिटी कंट्रोल के रिकॉर्ड रखे गए थे या नहीं, इसकी जांच हो, ऐसा उसमें कहा गया है। इसके साथ ही क्यूब टेस्ट रिपोर्ट्स, कंक्रीट मिक्स डिजाइन, स्लम्प टेस्ट रिपोर्ट्स, मटेरियल टेस्ट रिपोर्ट्स, स्ट्रक्चरल ड्रॉइंग्स और म्हाडा के संबंधित इंजीनियरों द्वारा की गई प्रत्यक्ष जांच की रिपोर्ट्स जांची जाएं, ऐसी मांग की गई है।
दरारों का ठीक कारण क्या है, इसका पता लगाने के लिए योग्य स्ट्रक्चरल इंजीनियर से स्वतंत्र जांच कराई जाए, यह मांग भी शिकायत में है। सिर्फ ऊपरी मरम्मत करने के बजाय दरारों का मूल कारण ढूंढकर स्थायी उपाय किए जाएं, ऐसा गोखरे ने कहा है। इससे पहले हुई किसी भी मरम्मत का रिकॉर्ड, फ्लैट धारकों की शिकायतें और प्रोजेक्ट धारक ने उस पर क्या कार्रवाई की, इसकी भी जांच हो, ऐसी मांग की गई है।
म्हाडा के वरिष्ठ अधिकारियों और इंजीनियरों की स्वतंत्र टीम यशोधन विहार प्रोजेक्ट का प्रत्यक्ष निरीक्षण करे, यह शिकायत में मुख्य मांग है। दरारें आई फ्लैट्स का तकनीकी पंचनामा या निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर जरूरत पड़ने पर अधिकृत लैबोरेटरी से कंक्रीट और अन्य निर्माण सामग्री की क्वालिटी जांची जाए, ऐसी मांग है। निर्माण में नियमभंग या घटिया काम पाए जाने पर संबंधित प्रोजेक्ट धारक, ठेकेदार या जिम्मेदार व्यक्तियों पर नियमानुसार कार्रवाई हो और फ्लैट धारकों की सुरक्षा के लिए निर्माण खतरनाक लगे तो तुरंत उपाय किए जाएं, ऐसी मांग गोखरे ने की है।
"बड़ी मेहनत से पाई पाई जोड़कर खरीदे गए घर में थोड़े ही समय में दरारें आना यह गंभीर बात है। इसलिए सिर्फ मामूली मरम्मत न करते हुए निर्माण की क्वालिटी और फ्लैट धारकों की सुरक्षा, इन दोनों बातों का ध्यान रखते हुए गहन तकनीकी जांच की जाए," ऐसी मांग फ्लैट धारक ज्ञानेश्वर गोखरे ने की है।