बुधवार, 7 अक्टूबर 2026

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19:03 IST

बूटीबोरी में कामगारों के लिए सस्ते घर बनाना चाहता है म्हाडा, MIDC की 35 हेक्टेयर जमीन मांगी

बूटीबोरी में कामगारों के लिए सस्ते घर बनाना चाहता है म्हाडा, MIDC की 35 हेक्टेयर जमीन मांगी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) अब एडिशनल बूटीबोरी में काम करने वाले कामगारों और अधिकारियों के लिए सस्ते घर बनाने की तैयारी में है। म्हाडा गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों के साथ-साथ दूसरे तबकों के लिए भी आवास और कमर्शियल परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रहा है। इसी कड़ी में उसने बूटीबोरी के स्थानीय कामगारों और अधिकारियों को सस्ता आवास देने की पहल की है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक म्हाडा ने इस परियोजना के लिए अतिरिक्त बूटीबोरी में महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमआईडीसी) की 35 हेक्टेयर जमीन पर योजना बनाई है। इसके लिए म्हाडा ने जमीन की मांग का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया है। बताया गया है कि सरकार की तरफ से इस पर सकारात्मक प्रतिसाद मिला है।

म्हाडा को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही एमआईडीसी की जमीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया को मंजूरी देकर इसे आगे बढ़ाएगी। म्हाडा ने जमीन की मांग वाले प्रस्ताव में रेट भी तय किए हैं। अगर यह जमीन संभावित दर पर म्हाडा को हस्तांतरित हो जाती है, तो जल्द ही यहां कामगारों को सस्ते आवास और सस्ती आवासीय सुविधाएं मिल सकेंगी। संभवतः इस परियोजना के अमल में आने से औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कामगारों, कामकाजी लोगों और अधिकारियों को सस्ते आवास के अलावा आवासीय सुविधाएं भी मिल सकेंगी।

म्हाडा के अनुसार प्रस्तावित परियोजना में सिर्फ घर ही नहीं होंगे। इसमें 1, 2 और 3 BHK के फ्लैट बनाए जाएंगे, साथ ही अस्पताल और स्कूल भी विकसित किया जाएगा। नागरिकों के लिए कई ढांचागत सुविधाएं भी होंगी और गार्डन बनाने की भी योजना है। यानी आवास के साथ नागरिकों को सामाजिक सुविधाएं देने की तैयारी भी म्हाडा ने दिखाई है।

म्हाडा ने इस परियोजना को लेकर बूटीबोरी मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन (बीएमए) के साथ भी बैठक की है। म्हाडा के मुताबिक एसोसिएशन ने भी इस परियोजना पर सहमति जताई है। एसोसिएशन भी चाहता है कि स्थानीय कामगारों को सस्ते घर और आवासीय सुविधाएं मिलें। इससे उन्हें सहूलियत होगी और औद्योगिक क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी। इसके अलावा मंत्रालय में भी म्हाडा ने इस प्रोजेक्ट को लेकर कई बैठकें की हैं।

म्हाडा के मुख्य अधिकारी डॉ. विजय इंगोले ने कहा कि इस परियोजना पर काम चल रहा है और क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र के लोगों को आवासीय सुविधाएं देना ही उनका लक्ष्य है। उनके मुताबिक सरकार के पास जमीन के लिए मांग की गई है। अगर सस्ती जमीन मिलती है, तो नागरिकों को सस्ता आवास मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि सरकार की तरफ से इसे अच्छा प्रतिसाद मिला है और समय-समय पर बैठकें ली जा रही हैं।

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