चीन फंडिंग के आरोप पर संजय राउत का जवाब: पहले सीमा देखिए, फिर फंडिंग की बात
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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के चीन फंडिंग वाले बयान पर शिवसेना ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने जवाब दिया है। रामलीला मैदान की रैली और भाजपा पर भी उन्होंने अपनी बात रखी।
देश और खास तौर पर महाराष्ट्र की राजनीति में इस वक्त गरमी बढ़ी हुई है। एक तरफ विपक्ष वोट चोरी का मुद्दा उठा रहा है और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। दूसरी तरफ सत्ता पक्ष विपक्ष पर देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगा रहा है।
इसी बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने INDIA गठबंधन और विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्हें चीन से फंडिंग मिलती है। फडणवीस ने यह बात ठाणे की एक सभा में कही थी, जहां उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी को निशाने पर लिया।
इस पर शिवसेना ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने जवाब दिया। राउत ने फडणवीस से कहा कि चीन की फंडिंग की बातें बाद में कीजिए, पहले देश की सीमा पर ध्यान दीजिए। उनके मुताबिक गए कुछ दिनों से भारत और चीन की सीमा पर संघर्ष चल रहा है और उसी माहौल में उनके इस बयान की चर्चा हो रही है।
राउत ने कहा कि चीन की फंडिंग को बाद में देख लेंगे, पहले अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख में चीन की हरकतों पर नजर डालिए। उन्होंने चीन की घुसपैठ का मुद्दा उठाते हुए भाजपा को घेरा। राउत ने यह दावा भी किया कि नेपाल में भी चीन का असर बढ़ रहा है। उनका कहना था कि देश की सीमाओं पर बोलने की जगह फंडिंग के मुद्दे पर राजनीति की जा रही है।
भाजपा की तरफ से यह आलोचना भी हुई कि रामलीला मैदान पर हुई INDIA गठबंधन की रैली में महाराष्ट्र के नेताओं को भाषण का मौका नहीं मिला। राउत ने इसका भी जवाब दिया। उन्होंने बताया कि रैली में सुबह से भीड़ बढ़ती जा रही थी, भाषण लंबे खिंच रहे थे और भीड़ का दबाव स्टेज तक पहुंच गया था। इसी वजह से राहुल गांधी को अपना भाषण जल्दी खत्म करना पड़ा, ऐसा राउत ने कहा।
भाजपा पर तंज कसते हुए राउत बोले कि अगर भाजपा को महाराष्ट्र की इतनी ही फिक्र होती, तो वह शिवसेना को नहीं तोड़ती।
भाजपा की जवाबी रैली पर भी राउत ने टिप्पणी की। उनका दावा है कि मोदी के खिलाफ लहर चल रही है और भाजपा को यह अंदाजा ही नहीं है कि देश में असल में क्या हो रहा है। राउत ने मोदी और उनके साथियों पर भी राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उन पर मुकदमे चलेंगे और उन्हें जेल जाना पड़ेगा।
चीन फंडिंग के आरोप से शुरू हुआ यह विवाद अब और बढ़ सकता है। आने वाले दिनों में दोनों तरफ से आरोप और जवाबी आरोप का सिलसिला तेज होने की संभावना है।
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