देऊळगाव राजा में लक्ष्मी रमण गोविंदा के जयघोष के बीच लाटामंडप उत्सव संपन्न
प्रतितिरुपती कहे जाने वाले श्री बालाजी महाराज का लाटा मंडपोत्सव देऊळगाव राजा में उत्साह के माहौल में पूरा हुआ।
प्रतितिरुपती के नाम से जाने जाने वाले श्री बालाजी महाराज का अनोखा लाटा मंडपोत्सव देऊळगाव राजा शहर में धूमधाम से संपन्न हुआ। सोर्स के मुताबिक यह उत्सव पूरे महाराष्ट्र में सिर्फ देऊळगाव राजा शहर में ही होता है। "बोल बालासाहेब की जय" और "लक्ष्मी रमण गोविंदा" के जयघोष के बीच पूरा माहौल उत्साह से भरा रहा।
मंदिर में घंटानाद गूंजा, प्रवेशद्वार पर नगारे बजे और गोविंदा गोविंदा के जयकारों से श्री बालाजी मंदिर परिसर भर गया।
आश्विन शुक्ल ८ और ९, सोमवार, 19 अक्टूबर को यह मंडपोत्सव समारोह शुरू हुआ और श्रद्धालु भक्तों की मौजूदगी में रंग गया। आंखों को तृप्त करने वाले इस उत्सव में सम्मानित जनों और श्रद्धालु भक्तों ने 42 मंडप को रस्सी बांधकर डेढ़ फुट व्यास और बत्तीस फुट ऊंचाई वाले 21 महाकाय सागौन के लाटों को खड़ा किया।
महाद्वार के पास हनुमान की प्राचीन पत्थर की मूर्ति और संस्थान के सामने गरुड़ की पत्थर की मूर्ति है। इन दोनों मूर्तियों को एक अखंड रस्सी से बांधकर महाकाय लाटामंडप तैयार किया गया। इस काम में सम्मानित जनों और सभी समाजबंधुओं का सहयोग मिला। लाटामंडप खड़ा होने के बाद श्री बालाजी संस्थान की ओर से सभी सम्मानित जनों को प्रसाद बांटा गया।
श्री बालाजी संस्थान की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक आश्विन शुक्ल ९ और १०, मंगलवार, 20 अक्टूबर को दशहरे की मध्यरात्रि 12 बजे पालकी जुलूस निकलेगा। श्री की पालकी आश्विन शुक्ल १०, बुधवार, 21 अक्टूबर को पूरे शहर की प्रदक्षिणा करके मंदिर में विराजमान होगी। इसके बाद आश्विन कृष्ण ४, गुरुवार, 29 अक्टूबर को सूर्योदय के समय सुबह 5 बजकर 45 मिनट पर ललित उत्सव संपन्न होगा।
श्रद्धालु भक्त आसानी से भेंट और शाश्वत अन्नदान दान दे सकें, इसके लिए श्री बालाजी संस्थान ने अलग से क्यूआर कोड उपलब्ध कराए हैं। संस्थान की ओर से बताया गया है कि श्रद्धालु इन क्यूआर कोड से दान जमा कर सकते हैं।
श्री बालाजी संस्थान के वंश परंपरागत ट्रस्टी राजे विजयसिंह जाधव और प्रबंधक किशोर बीडकर ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे श्री के उत्सव में शामिल होकर दर्शन, प्रसाद और यात्रा का लाभ लें।
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