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आरे कॉलनी के 'ओम आर्ट सेंटर' को सरकार का पूरा साथ, सुनेत्रा पवार ने दिया भरोसा

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने आरे कॉलनी में 'शिल्परंग-१२' के उद्घाटन पर कहा कि 'ओम द ग्लोबल आर्ट सेंटर' और 'आरे म्युझियम' को सरकार हर तरह से सहयोग देगी।

आरे कॉलनी के 'ओम आर्ट सेंटर' को सरकार का पूरा साथ, सुनेत्रा पवार ने दिया भरोसा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

महाराष्ट्र सरकार कलाकारों, कला और कलाशिक्षा को बढ़ावा देकर सांस्कृतिक क्षेत्र के विकास के लिए कटिबद्ध है। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने यह बात कही। उन्होंने बताया कि आरे कॉलनी में बन रहे 'ओम द ग्लोबल आर्ट सेंटर' और 'आरे म्यूज़ियम' जैसे बड़े प्रोजेक्ट को सरकार की तरफ से हर तरह का सहयोग दिया जाएगा। उन्हें भरोसा है कि इस केंद्र से महाराष्ट्र की सांस्कृतिक शान में अहम इजाफा होगा।

आरे कॉलनी के कुदरती माहौल में 'शिल्परंग-१२' नाम का राष्ट्रीय कला परिसंवाद आयोजित किया गया था। सुनेत्रा पवार इसी के उद्घाटन के मौके पर बोल रही थीं। कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यमंत्री एडवोकेट आशिष शेलार, सांसद रवींद्र वायकर, वित्त विभाग के सहसचिव संजय इंगले और आरे मिल्क कॉलनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीकांत शिपूरकर मौजूद थे। 'ओम द ग्लोबल आर्ट सेंटर' और 'आरे म्यूज़ियम' के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र बोरलेपवार और मयूरी बोरलेपवार भी हाज़िर थे।

पवार ने कहा कि महाराष्ट्र को अजिंठा-वेरुल की गुफाओं से लेकर वारली चित्रकला और आधुनिक चित्रकला व शिल्पकला तक कला की समृद्ध परंपरा मिली है। उनके मुताबिक कला सिर्फ सुंदरता का अहसास नहीं कराती। वह इंसान को सोचना सिखाती है, उसे संवेदनशील बनाती है और समाज को आपस में जोड़ती है।

उन्होंने बताया कि 'ओम' केंद्र के जरिए देश भर के कलाकारों को प्रदर्शनी के साथ-साथ एक साथ रहकर कलाकृति बनाने, नए प्रयोग करने और अनुभव बांटने का मौका मिल रहा है। 'शिल्परंग' जैसे आयोजनों में अलग-अलग राज्यों के कलाकार जुटकर भारतीय सांस्कृतिक विविधता की झलक दिखाते हैं। युवा कलाकारों से उन्होंने अपनी कला पर भरोसा रखकर नए प्रयोग करने की अपील की। साथ ही कहा कि वे अपनी मिट्टी से रिश्ता बनाए रखें और दुनिया भर की सोच से भी संवाद करें।

कला के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को पवार ने अहम बताया। उनका कहना था कि ज्यादा से ज्यादा लड़कियों को कलाशिक्षा, कला सृजन और पेशेवर मौके मिलें, इसके लिए कोशिश होनी चाहिए। कला क्षेत्र को राजाश्रय मिलना जरूरी है, इसलिए कलाकारों का हौसला बढ़ाने के लिए आशिष शेलार के साथ मिलकर सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे। दृश्य कला (विज़ुअल आर्ट्स) विषय को सांस्कृतिक कार्य विभाग के पास भेजने के लिए भी सकारात्मक कोशिश करने का आश्वासन उन्होंने इस मौके पर दिया।

सांस्कृतिक कार्यमंत्री आशिष शेलार ने कहा कि चित्रकारों और शिल्पकारों के कला सृजन को बढ़ावा देने के लिए राजाश्रय बढ़ाना और उनकी अवधारणाओं को मजबूत सहारा देना जरूरी है। भारतीय चित्रकला और शिल्पकला की परंपरा समृद्ध है। उसे सहेजने और आगे बढ़ाने के लिए कला क्षेत्र, सरकार और समाज को मिलकर कोशिश करनी होगी। उनके मुताबिक दृश्य कला और प्रस्तुति कला दोनों का संतुलित विचार करके दृश्य कलाओं को ज्यादा बड़ा मंच देना चाहिए।

शेलार ने कहा कि 'ओम द ग्लोबल आर्ट सेंटर' और 'आरे म्यूज़ियम' में बनी शिल्पाकृतियां सिर्फ आकार नहीं हैं। उनके पीछे भावनात्मक, संवेदनशील और प्राकृतिक आशय छिपा है। कलाकृति की सुंदरता देखने के साथ उसके पीछे के विचार, भावना और दर्शन को समझना भी अहम है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ चित्रकार सुहास बहुलकर समेत कई कलाकारों ने रंगों के जरिए व्यापक विचार रखने की परंपरा को जिंदा रखा है।

शेलार के अनुसार भारतीय जीवनशैली, अध्यात्म और संस्कृति में रंगों का खास महत्व है। रंग संयोजन का नाता इंसानी भावना, संवेदना और दर्शन से है। उन्होंने चित्रकारों से कहा कि वे अपनी कलाकृतियों से भारतीय परंपरा, विचार और जीवनदृष्टि को असरदार ढंग से सामने रखें। शिल्पकला ने गुफाओं, इमारतों और कई कलाकृतियों के जरिए भारतीय संस्कृति को आकार दिया है। नई पीढ़ी को इस परंपरा से जोड़ने के लिए लगातार कोशिश जरूरी है, यह बात भी मंत्री शेलार ने कही।

'शिल्परंग-१२' में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए २१ चित्रकारों और शिल्पकारों को शाल और प्रतिमा देकर सम्मानित किया गया। इनमें विनोद शर्मा, सुहास बहुलकर, चरण शर्मा, जॉन डगलस, निलेश वेडे, प्रदीप जोगदंड, रमेश चंद्र, साक्षी कदम, आनंद पांचाल, सिद्धार्थ शिंगाडे, नितीन मिस्त्री, अमरनाथ शर्मा, प्रदीप कामिया, नीना देवांगन, वैभव मोरे, जगन्नाथ महापात्रा, दिलीप शर्मा, योगेश मुरकुटे, मान काफर, रविकुमार और केतन खुटले शामिल थे।

इसी मौके पर वरिष्ठ चित्रकार सुहास बहुलकर की एक पेंटिंग का अनावरण भी हुआ। कार्यक्रम स्थल पर बनी शिल्पाकृतियों को देखने के बाद उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने कलाकारों की रचनात्मकता की तारीफ की।

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