सोते वक्त आंखों का मेकअप नहीं उतारा तो बढ़ सकता है आंखों की परेशानी का खतरा
आंखों का मेकअप रात भर लगा रहने से जलन, सूखापन, एलर्जी और इन्फेक्शन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
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दिनभर की थकान, त्योहारों और समारोहों की भागदौड़ या देर रात तक चली पार्टी के बाद अक्सर मेकअप उतारे बिना ही सो जाने का मन करता है। लेकिन यह आदत आंखों की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। खासकर काजल, आईलाइनर, मस्कारा और आईशैडो अगर रात भर आंखों पर लगे रहें, तो जलन, सूखापन, एलर्जी और इन्फेक्शन जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए सोने से पहले आंखों का मेकअप ठीक से उतारना बहुत जरूरी है।
आंखें शरीर का बेहद नाजुक अंग हैं और उनके आसपास की त्वचा भी पतली और संवेदनशील होती है। पलकों के किनारों पर मेबोमियन ग्लैंड्स होती हैं। इन ग्लैंड्स से बनने वाला तेल आंसुओं की परत को स्थिर रखने और आंखों की नमी बनाए रखने में मदद करता है।
काजल, आईलाइनर और मस्कारा के अवशेष इन ग्लैंड्स के छेद बंद कर सकते हैं। इससे आंखों का सूखापन बढ़ सकता है, सुबह आंखें लाल हो सकती हैं, जलन महसूस हो सकती है या ऐसा लग सकता है कि आंख में कुछ फंसा है।
मेकअप ठीक से न उतारा जाए तो पलकों के किनारों की तेल ग्लैंड्स बंद होने की आशंका बढ़ जाती है। इससे गुहेरी या पलकों पर छोटी गांठें निकल सकती हैं। पलकों के बालों की जड़ों के पास मेकअप के अवशेष जमा हों, तो बैक्टीरिया पनपने के लिए अनुकूल हालात बन सकते हैं।
इससे ब्लेफरायटिस (Blepharitis) यानी पलकों के किनारों में सूजन हो सकती है। इसमें पलकों में खुजली, जलन, लालिमा और बालों की जड़ों के पास पपड़ी जमने जैसे लक्षण दिख सकते हैं। यह दिक्कत बार-बार लौट भी सकती है।
सोते समय मेकअप के बारीक कण आंखों में जा सकते हैं। पलक के अंदरूनी किनारे पर काजल या आईलाइनर लगाने की आदत हो तो यह आशंका और बढ़ सकती है। ऐसे कणों से आंखों में तकलीफ हो सकती है, एलर्जी की प्रतिक्रिया हो सकती है या आंख की पारदर्शी बाहरी परत यानी कॉर्निया को चोट पहुंचने का खतरा बन सकता है। सूखे मस्कारा के कण भी आंखों में गिर सकते हैं।
नकली पलकें या आईलैश एक्सटेंशन लगाने वालों को भी सावधानी रखनी चाहिए। उनकी ठीक से सफाई न हो तो धूल और मेकअप के अवशेष जमा हो सकते हैं। नकली पलकें निकालते वक्त लापरवाही हुई तो असली पलकों को भी नुकसान पहुंच सकता है।
कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों के लिए आंखों का मेकअप उतारे बिना सोना और ज्यादा जोखिम भरा हो सकता है। लेंस इस्तेमाल करते वक्त सफाई के नियम न माने जाएं तो आंखों के इन्फेक्शन का खतरा बढ़ता है। लेंस पहनकर सोने से भी कॉर्निया के इन्फेक्शन की आशंका बढ़ सकती है। आंखों में दर्द, तेज लालिमा, रोशनी सहन न होना या धुंधला दिखना जैसे लक्षण दिखें तो फौरन नेत्र रोग विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
जिन लोगों को आंखों का सूखापन है, आंखों की एलर्जी या ब्लेफरायटिस की परेशानी है, जो कॉन्टैक्ट लेंस लगाते हैं, ग्लिटर वाला आईशैडो या वॉटरप्रूफ मेकअप इस्तेमाल करते हैं, या पलकों के अंदरूनी किनारे पर काजल और आईलाइनर लगाते हैं, उन्हें आंखों के मेकअप को लेकर खास सावधानी रखने को कहा गया है। वॉटरप्रूफ मेकअप ज्यादा देर टिकता है, इसलिए उसे उतारते वक्त सही प्रोडक्ट इस्तेमाल करना अहम है।
मेकअप उतारने के तरीके में सबसे पहले हाथ अच्छी तरह धोएं और कॉन्टैक्ट लेंस हों तो उन्हें सही ढंग से निकालें। आंखों के लिए बना, हो सके तो बिना खुशबू वाला और संवेदनशील त्वचा के अनुकूल रिमूवर चुनें। रिमूवर लगा नरम कॉटन पैड बंद पलकों पर कुछ सेकंड हल्के से रखें, इससे मेकअप आसानी से घुल जाता है। आंखें रगड़ें नहीं, पलकों की त्वचा को जोर से घिसने या खींचने से बचें। वॉटरप्रूफ मेकअप के लिए आंखों के हिसाब से ठीक तेल आधारित या बाई-फेज रिमूवर इस्तेमाल हो सकता है, बस वह आंख में न जाए। हर आंख के लिए साफ कॉटन पैड लें और मेकअप उतारने के बाद चेहरा साफ पानी से धो लें।
आंखों के मेकअप के प्रोडक्ट पुराने हो जाएं या उनकी क्वालिटी बदल जाए तो उन्हें इस्तेमाल न करें। मस्कारा खोलने के करीब 3 महीने बाद बदलने की सिफारिश की जाती है। लिक्विड आईलाइनर के लिए प्रोडक्ट पर लिखी अवधि और कंपनी के निर्देश मानें। मेकअप प्रोडक्ट दूसरों से शेयर न करें, ब्रश और एप्लिकेटर नियमित साफ रखें, और जो प्रोडक्ट आंखों को परेशान करे या एलर्जी करे उसका इस्तेमाल तुरंत बंद करें।
मेकअप उतारने के बाद भी आंखों की लालिमा या सूजन बनी रहे, दर्द हो, आंखों से स्राव निकले, रोशनी सहन न हो या धुंधला दिखे, तो नेत्र रोग विशेषज्ञ की सलाह लें। ठाणे के डॉ. अग्रवाल्स आय हॉस्पिटल के कैटरैक्ट और रिफ्रैक्टिव सर्जन डॉ. वरुण गुप्ता ने कहा कि खासकर कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों में ये लक्षण दिखें तो फौरन मेडिकल जांच जरूरी है। आंखों में तकलीफ के दौरान खुद से आई ड्रॉप्स या घरेलू नुस्खे इस्तेमाल करने से बचने की बात भी कही गई है।