दापोली एसटी स्टेशन में बस का चाक 60 साल की महिला के दोनों पैरों पर चढ़ा, हालत गंभीर
रत्नागिरी जिले के दापोली एसटी स्टेशन में गुरुवार शाम कोलबांद्रे रूट की बस का अगला चाक एक 60 साल की महिला के दोनों पैरों पर चढ़ गया।
रत्नागिरी जिले के दापोली एसटी स्टेशन में गुरुवार, 5 नवंबर की शाम एक भयानक हादसा हो गया। कोलबांद्रे रूट की एसटी बस स्टेशन के अंदर आ रही थी, तभी उसका अगला चाक एक 60 साल की महिला के दोनों पैरों के ऊपर से निकल गया। महिला गंभीर रूप से जख्मी है। हादसे के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में गुस्सा दिखा।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक जख्मी महिला का नाम फातिमा अमिद जोगीलकर है। उनकी उम्र 60 साल है और वे खेड की रहने वाली हैं। गुरुवार शाम वे दापोली एसटी स्टेशन के परिसर में मौजूद थीं। उसी वक्त कोलबांद्रे रूट की बस स्टेशन में दाखिल हो रही थी। बस अंदर आते समय उसका अगला चाक फातिमा जोगीलकर के दोनों पैरों पर चढ़ गया, जिससे दोनों पैरों में गंभीर चोट आई।
हादसा होते ही स्टेशन परिसर में मौजूद लोग मौके पर दौड़े। उन्होंने जख्मी महिला को फौरन मदद पहुंचाई। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए दापोली के उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।
दापोली एसटी स्टेशन में यात्रियों की अच्छी-खासी भीड़ रहती है। ऐसी भीड़ वाली जगह पर बस के चाक के नीचे महिला के आ जाने से लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। हादसे के बाद कुछ देर तक स्टेशन में गड़बड़ी का माहौल रहा।
इस घटना से एसटी स्टेशन में यात्रियों की सुरक्षा का सवाल एक बार फिर उठ खड़ा हुआ है। लोग पूछ रहे हैं कि बस के स्टेशन में आते और बाहर निकलते वक्त ड्राइवर काफी सावधानी बरतते हैं या नहीं, यात्रियों के पैदल चलने के लिए सुरक्षित रास्ते हैं या नहीं, और हादसे रोकने के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं या नहीं।
हादसे की सही वजह अभी साफ नहीं हुई है। लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग घटना की जांच करे, स्टेशन के सुरक्षा इंतजामों का जायजा ले और आगे ऐसे हादसे न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाए।
एसटी स्टेशनों पर रोज हजारों यात्रियों का आना-जाना होता है। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं, छोटे बच्चे और दिव्यांग यात्री भी होते हैं। इसलिए स्टेशन के अंदर बसों की आवाजाही और पैदल चलने वाले यात्रियों के बीच ठीक तालमेल होना जरूरी बताया जा रहा है। बस अंदर आते समय ड्राइवर रफ्तार काबू में रखे, यह पक्का करे कि रास्ते में कोई पैदल यात्री न हो, और यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ता हो, यह अहम माना जा रहा है। जरूरी जगहों पर ट्रैफिक कंट्रोल करने वाले कर्मचारी, सूचना बोर्ड और सुरक्षा व्यवस्था होनी भी जरूरी है।
दापोली स्टेशन में बस आने और निकलने के लिए अलग रास्ते हैं या नहीं, यात्रियों को सुरक्षित चलने की जगह मिलती है या नहीं, सीसीटीवी कैमरे चालू हैं या नहीं और भीड़ के वक्त पर्याप्त कर्मचारी तैनात रहते हैं या नहीं, इसकी पड़ताल की मांग उठ रही है। हादसे की सही वजह, ड्राइवर की भूमिका और एसटी प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के बारे में अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसीलिए लोगों की नजर अब इस मामले की जांच पर टिकी है।
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