पनवेल से वसई सीधी लोकल के लिए 12,710 करोड़ का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया
पनवेल-वसई उपनगरीय रेल कॉरिडोर 69.23 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 17 स्टेशन प्रस्तावित हैं। केंद्र सरकार की मंजूरी अभी बाकी है।
मुंबई महानगर प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए एक अहम खबर है। पनवेल से वसई के बीच सीधी उपनगरीय रेल सेवा शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। करीब 69.23 किलोमीटर लंबे पनवेल-वसई उपनगरीय रेल कॉरिडोर के लिए 12,710 करोड़ 82 लाख रुपये का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है।
इस प्रोजेक्ट को मुंबई शहरी परिवहन प्रोजेक्ट (MUTP-3B) के तहत बनाने की योजना है। केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई तो मुंबई महानगर प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होने की उम्मीद है।
अभी हालत यह है कि पनवेल से वसई-विरार की तरफ जाने वाले यात्रियों के लिए सीधी उपनगरीय लोकल नहीं है। उन्हें कुर्ला, दादर या किसी दूसरे स्टेशन पर ट्रेन बदलकर आगे जाना पड़ता है। इसमें यात्रियों का वक्त भी जाता है और मेहनत भी लगती है।
प्रस्तावित कॉरिडोर से पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों के बीच सीधा रेल संपर्क बनने में मदद मिलेगी। रोज नौकरी, कारोबार और पढ़ाई के लिए सफर करने वाले हजारों लोगों को आगे चलकर बड़ी राहत मिल सकती है। लेकिन यह प्रोजेक्ट अभी सिर्फ प्रस्तावित है। असल में लोकल चलने के लिए मंजूरी और आगे का काम पूरा होना जरूरी है।
प्रोजेक्ट की खास बातें इस तरह हैं। कुल लंबाई 69.23 किलोमीटर है, प्रस्तावित खर्च 12,710 करोड़ 82 लाख रुपये है और 17 स्टेशन बनाने की बात है। इस प्रोजेक्ट के तहत MUTP-3B में आने वाला यह कॉरिडोर करीब 28 किलोमीटर उन्नत यानी एलिवेटेड रहेगा।
रास्ते में महामार्ग, खाड़ियां और दूसरी भौगोलिक रुकावटें आती हैं। इन्हें देखते हुए करीब 28 किलोमीटर का रेल मार्ग एलिवेटेड बनाने की योजना है। इससे मार्ग का निर्माण ज्यादा सुनियोजित ढंग से करने पर जोर रहेगा।
नवी मुंबई, भिवंडी और वसई-विरार इलाकों में रिहायशी बस्तियां, औद्योगिक क्षेत्र और कारोबारी केंद्र तेजी से फैल रहे हैं। यहां रोजगार के मौके बढ़ रहे हैं, इसलिए सार्वजनिक परिवहन की जरूरत भी बढ़ रही है। पनवेल-वसई कॉरिडोर से इन इलाकों को उपनगरीय रेल के नेटवर्क से ज्यादा असरदार ढंग से जोड़ने का मौका मिल सकता है।
तीसरी और चौथी मुंबई के रूप में विकसित हो रहे नए शहरी इलाकों की आवाजाही के लिए भी यह प्रोजेक्ट अहम साबित होने की उम्मीद है। सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव घटाने और सफर के विकल्प बढ़ाने में भी इस मार्ग से मदद मिल सकती है।
महाराष्ट्र सरकार की बुनियादी सुविधा समिति इस प्रोजेक्ट को पहले ही मंजूरी दे चुकी है। अब 12,710 करोड़ 82 लाख रुपये का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास है। केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय से जरूरी प्रशासनिक और आर्थिक मंजूरी मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया और असल काम की राह साफ होगी।
इस बीच पनवेल-कर्जत उपनगरीय रेल कॉरिडोर का करीब 99 फीसदी काम पूरा होने की जानकारी है। पनवेल इलाके में रेल सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, तो यात्रियों की नजर पनवेल-वसई मार्ग पर भी है।
कुल मिलाकर पनवेल-वसई रेल कॉरिडोर मुंबई महानगर प्रदेश के आगे के ट्रांसपोर्ट के लिए अहम प्रोजेक्ट बन सकता है। फिलहाल केंद्र की आखिरी मंजूरी, निर्माण की शुरुआत और लोकल सेवा शुरू होने की तारीख के बारे में पक्की जानकारी नहीं है। इसलिए मुंबई के लोगों की नजर अब आगे के फैसलों पर रहेगी।
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