चीनी उत्पादन में भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर, खपत में 138वें स्थान पर
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भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक है, पर प्रति व्यक्ति चीनी खाने में 138वें स्थान पर है। इस साल इथेनॉल बनाने पर रोक लगने से चीनी मिलें परेशान हैं।
भारत चीनी बनाने में दुनिया में दूसरे नंबर पर है, लेकिन प्रति व्यक्ति चीनी की खपत में उसका स्थान 138वां है। दुनिया के कुल चीनी उत्पादन में भारत का हिस्सा 16.1 प्रतिशत है, फिर भी खाने में चीनी का इस्तेमाल यहां बहुत कम होता है।
देश में हर साल करीब 3 करोड़ टन चीनी बनती है। इसका लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा देश के भीतर ही बिकता है। इसी वजह से केंद्र सरकार ने चीनी के दाम और उसकी बिक्री पर नियंत्रण रखा हुआ है। इसका असर किसानों को गन्ने का दाम देते समय दिखता है।
दुनिया में पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने का चलन बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने भारत में भी पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने का फैसला किया और इसके लिए चीनी मिलों को प्रोत्साहन भी दिया। मिलों की आमदनी बढ़ाने के लिए ही उन्हें इथेनॉल बनाने को कहा गया था। अकेले महाराष्ट्र के 380 प्रोजेक्ट को केंद्र ने ब्याज सब्सिडी योजना के तहत मंजूरी दी।
लेकिन इस साल सरकार ने चीनी से इथेनॉल बनाने पर ही रोक लगा दी। मिलों ने करोड़ों रुपये का निवेश कर रखा है, फिर भी उन्हें एक रुपये की आमदनी नहीं हो रही। इससे मिल चलाने वाले परेशान हैं।
गन्ने के दाम को लेकर रंगराजन समिति की सिफारिश भी है। उसके मुताबिक चीनी की बिक्री से मिलों को जो शुद्ध मुनाफा होता है, उसका 75 प्रतिशत हिस्सा किसानों को देना है। समिति ने यह भी कहा था कि कुल मुनाफे का 70 प्रतिशत हिस्सा किसानों को मिलेगा। इसी हिसाब से सरकार ने एफआरपी के जरिए मिलों पर गन्ने के दाम की बंदिशें लगा रखी हैं।
सबसे ज्यादा चीनी बनाने वाले देशों में ब्राजील पहले नंबर पर है। उसका उत्पादन 4 करोड़ 38 लाख टन है और दुनिया के उत्पादन में उसका हिस्सा 23.5 प्रतिशत है। भारत 3 करोड़ टन के साथ दूसरे नंबर पर है और उसका हिस्सा 16.1 प्रतिशत है। यूरोपीय संघ में 1 करोड़ 55 लाख टन चीनी बनती है, जो दुनिया के उत्पादन का 8.3 प्रतिशत है। चीन का उत्पादन 1 करोड़ 26 लाख टन है और उसका हिस्सा 6.8 प्रतिशत है।
प्रति व्यक्ति खपत की बात करें तो लक्जमबर्ग में एक व्यक्ति साल भर में 178.82 किलो चीनी खाता है। रूस में यह आंकड़ा 66.55 किलो और अमेरिका में 62.95 किलो है। ब्राजील में प्रति व्यक्ति खपत 38.90 किलो है, जबकि भारत में सिर्फ 19.63 किलो।


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