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रविवार, 8 नवंबर 2026

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आरबीआई ने कहा, 31 दिसंबर के बाद पुरानी चेकबुक बंद होने का दावा झूठा और भ्रामक

आरबीआई ने कहा, 31 दिसंबर के बाद पुरानी चेकबुक बंद होने का दावा झूठा और भ्रामक तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कारोबार PT24 टीम

सोशल मीडिया पर चल रहे संदेश में कहा गया था कि मौजूदा चेकबुक 31 दिसंबर 2026 के बाद नहीं चलेंगी। भारतीय रिज़र्व बैंक ने इसे गलत बताया है और कहा है कि वह ऐसा कोई कदम नहीं उठा रहा।

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक संदेश तेज़ी से फैल रहा है, जिसमें कहा गया है कि पुरानी चेकबुक 31 दिसंबर के बाद बेकार हो जाएंगी। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने इस दावे को पूरी तरह झूठा बताया है।

वायरल पोस्ट के मुताबिक 31 दिसंबर 2026 तक पुरानी चेकबुक बदलवा लेनी चाहिए। उसके बाद 1 जनवरी 2027 से नई चेकबुक का इस्तेमाल जरूरी होगा। पोस्ट में नई चेकबुक के कई बदलावों का जिक्र है। इनमें अल्फा-न्यूमेरिक कोड, नया MICR नंबर, UV कोड और RBI से जुड़े सुरक्षा इंतजाम शामिल बताए गए हैं।

संदेश में यह भी दावा किया गया है कि 50,000 रुपये से ज़्यादा की रकम के लिए पुरानी चेकबुक मंजूर नहीं की जाएंगी। लोगों को सलाह दी गई है कि वे बैंक की शाखा या मोबाइल बैंकिंग ऐप के जरिए नई चेकबुक के लिए अर्जी दें। यह सब पढ़कर कई लोगों के मन में सवाल उठा कि असल नियम क्या है।

RBI ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर इस संदेश की तस्वीर डालकर उस पर साफ तौर पर "बनावट" यानी फर्जी लिखा है। उसने 7 नवंबर 2026 की अपनी पोस्ट में लिखा कि उसके ध्यान में आया है कि सोशल मीडिया पर एक संदेश घूम रहा है। इस संदेश में कहा जा रहा है कि अभी इस्तेमाल हो रही स्टैंडर्ड चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) की चेकबुक 31 दिसंबर 2026 से बदल जाएंगी और 1 जनवरी 2027 से बेहतर सुरक्षा मानकों वाली नई चेकबुक लागू होंगी।

इसके आगे RBI ने कहा कि यह साफ किया जाता है कि रिज़र्व बैंक फिलहाल CTS चेकबुक को लेकर ऐसा कोई कदम नहीं उठा रहा है। इसलिए यह संदेश तथ्यों के खिलाफ है और गुमराह करने वाला है। RBI ने जनता से कहा है कि ऐसे मामलों में वह सिर्फ उसी जानकारी पर भरोसा करे, जो रिज़र्व बैंक समय-समय पर जारी करता है।

RBI ने लोगों से यह भी कहा है कि कोई जानकारी या दावा सिर्फ इसलिए सच नहीं हो जाता कि वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ऐसे दावों पर आधिकारिक पुष्टि मिलने के बाद ही यकीन करना चाहिए। हो सके तो ऐसे मामलों में आधिकारिक जानकारी पर ही टिके रहना चाहिए।

यानी बैंक में चेक इस्तेमाल करने से पहले किसी वायरल संदेश के बजाय RBI की ओर से जारी जानकारी देखना ही सही रास्ता है।

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