छोटी कारों का बाजार खत्म नहीं हुआ, भारत सिर्फ SUV का मार्केट नहीं: आर. सी. भार्गव
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मारुति सुजुकी के चेयरमैन आर. सी. भार्गव के मुताबिक एसयूवी की लोकप्रियता के बावजूद छोटी कारों की मांग बनी हुई है।
मारुति सुजुकी के चेयरमैन आर. सी. भार्गव का कहना है कि भारत में एसयूवी कारों की लोकप्रियता भले बढ़ रही हो, लेकिन छोटी कारों की मांग खत्म नहीं हुई है। उनके मुताबिक भारतीय कार मार्केट को सिर्फ एसयूवी की नजर से देखना ठीक नहीं होगा। देश के बड़े ग्राहक वर्ग के लिए छोटी, किफायती और रोज के इस्तेमाल में आसान कारें आज भी अहम हैं। इसलिए यह मान लेना गलत होगा कि छोटी कारों का भविष्य खत्म हो गया।
आंकड़े भी यही बात कहते हैं। जुलाई से सितंबर 2026 के बीच मारुति सुजुकी की छोटी कारों की बिक्री में साल दर साल 35.9% की बढ़ोतरी हुई। पहली छमाही में कंपनी ने करीब 3.98 लाख छोटी कारें बेचीं, और जीएसटी सुधारों से मांग को सहारा मिला। भार्गव के मुताबिक 2047 में भी भारतीय कार मार्केट में छोटी कारों के लिए बड़ा मौका बना रहेगा।
हर परिवार का बजट, सफर की जरूरतें और पार्किंग की सहूलियत एक जैसी नहीं होती। शहरों में ट्रैफिक, तंग सड़कें और पार्किंग की दिक्कत देखें तो छोटी कारें कई लोगों के लिए आसान पड़ती हैं। पहली कार खरीदने वाले नौजवान, छोटे परिवार और रोज के सफर के लिए अपनी गाड़ी ढूंढने वाले कस्टमर के लिए ऐसी कारें काम की हैं। यही वजह है कि एसयूवी की बिक्री बढ़ने के बावजूद छोटी कारों के लिए मार्केट में जगह बनी हुई है।
एसयूवी की लोकप्रियता के पीछे ऊंची ड्राइविंग पोजीशन, बड़ा केबिन, सड़क पर अलग अनुभव और आधुनिक फीचर्स हैं। कंपनियों ने भी इसी सेगमेंट के मॉडल्स पर ज्यादा ध्यान दिया है, इसलिए नई कार लेते समय कई कस्टमर एसयूवी के बारे में सोचते हैं। लेकिन हर किसी को बड़ी कार पुसाती नहीं। खरीद की कीमत, मेंटेनेंस का खर्च और फ्यूल पर होने वाला खर्च फैसले में बड़ा रोल निभाते हैं।
मारुति सुजुकी ने भारत में छोटी और किफायती कारों के दम पर बड़ा ग्राहक वर्ग खड़ा किया है। अल्टो के10, एस-प्रेसो, सेलेरियो और वैगनआर जैसे मॉडल शहर के सफर के लिए काम के साबित होते हैं। इन कारों की मांग बनाए रखने के लिए कंपनियों को कीमत पर काबू, फ्यूल की बचत, सेफ्टी और आधुनिक फीचर्स के बीच संतुलन रखना जरूरी है। कस्टमर की जरूरत के हिसाब से पेट्रोल और सीएनजी जैसे ऑप्शन देना भी फायदेमंद रहता है।
भारत का कार मार्केट एक ही तरह की गाड़ी तक सीमित नहीं है। कुछ कस्टमर बड़ी एसयूवी पसंद करते हैं, तो कुछ को कम खर्च में चलने वाली छोटी कार चाहिए। इसलिए कंपनियों को सिर्फ एसयूवी पर ध्यान देने के बजाय छोटी कारों में टेक्नोलॉजी, सेफ्टी और सहूलियतें बेहतर करने की जरूरत है। भार्गव के बयान से संदेश यही मिलता है कि छोटी कारों की अहमियत अब भी बनी हुई है। आगे भी कस्टमर के बजट और जरूरत के हिसाब से अलग-अलग तरह की कारों को मौका मिलता रह सकता है।
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