सोम‌वार, 26 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
AQI 319 | Very Poor 08:34 IST

भारत में होंडा की हिस्सेदारी 7% से गिरकर 1.3% पर, अब SUV और EV पर ज़ोर

भारतीय कार बाज़ार में होंडा का मार्केट शेयर करीब 7% से घटकर 1.3% रह गया है। कंपनी अब नई SUV और इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर ध्यान दे रही है।

भारत में होंडा की हिस्सेदारी 7% से गिरकर 1.3% पर, अब SUV और EV पर ज़ोर तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

भारतीय कार बाज़ार में पिछले दस साल में बड़े बदलाव हुए हैं। कई कंपनियों ने नई SUV, आधुनिक फीचर्स और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के दम पर अपनी पकड़ मज़बूत की। इसी दौरान होंडा को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। भारत में होंडा का मार्केट शेयर करीब 7% से गिरकर 1.3% पर आ गया है।

कंपनी की देश में कार बिक्री आर्थिक वर्ष 2016 की अपने सबसे ऊंचे स्तर के मुक़ाबले करीब 68% कम हो गई है। खास बात यह है कि इसी दौरान भारत में पैसेंजर गाड़ियों का बाज़ार 66% बढ़ा।

बढ़ते बाज़ार में होंडा पीछे क्यों रह गई, इसका जवाब ग्राहकों की बदलती पसंद में दिखता है। भारत में SUV की मांग बढ़ी तो कस्टमर्स को ऊंचा ग्राउंड क्लिअरन्स, आकर्षक डिज़ाइन, बड़ी केबिन और आधुनिक टेक्नोलॉजी वाली गाड़ियां पसंद आने लगीं। इस सेगमेंट में कई प्रतिस्पर्धी कंपनियों ने लगातार नए मॉडल उतारे। उनके मुक़ाबले होंडा के भारतीय पोर्टफोलियो में नए मॉडल और SUV के ऑप्शन कम दिखे।

होंडा सिटी और अमेज़ जैसी गाड़ियों को भारतीय बाज़ार में पहचान मिली है। लेकिन SUV सेगमेंट में बढ़ती होड़ की वजह से सिर्फ़ सेडान और कॉम्पैक्ट कार के भरोसे रहना कंपनी के लिए मुश्किल हो गया। ग्राहकों की बदलती उम्मीदों के हिसाब से प्रोडक्ट्स की लिस्ट बढ़ाना और नई गाड़ियां वक़्त पर लाना ज़रूरी हो गया है।

मारुति सुज़ुकी, ह्युंदै, टाटा मोटर्स और महिंद्रा जैसी कंपनियों ने अलग-अलग कीमतों में SUV के कई ऑप्शन दिए हैं। इससे ग्राहकों के लिए अपने बजट के हिसाब से गाड़ी चुनना आसान हो गया। फीचर्स, सेफ्टी, कनेक्टेड टेक्नोलॉजी और ईंधन कार्यक्षमता को लेकर भी कंपनियों के बीच मुक़ाबला बढ़ा है। ऐसे में होंडा के सामने अपनी पुरानी साख बचाए रखने के साथ नए कस्टमर्स को खींचने की चुनौती है।

बिक्री की गिरावट रोकने के लिए होंडा अब नई SUV और इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर ध्यान दे रही है। नए मॉडलों के ज़रिए भारतीय कस्टमर्स की ज़रूरतें पूरी करना और बाज़ार में मौजूदगी बढ़ाना कंपनी का अहम मक़सद है। हालांकि कामयाबी के लिए सही कीमत, आकर्षक फीचर्स, मज़बूत सेल्स नेटवर्क और वक़्त पर लॉन्च ज़रूरी होंगे।

भारत की होड़ में दोबारा मज़बूत जगह बनाना होंडा के लिए आसान नहीं होगा। नई SUV और EV योजनाओं पर अमल कितने असरदार ढंग से होता है, उसी से कंपनी की आगे की राह साफ़ होगी।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे