चंद्रपुर में पानी संकट: जोरगेवार ने कोल वॉशरीज की सप्लाई 100 फीसदी बंद करने को कहा
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पालकमंत्री डॉ. अशोक उईके की अध्यक्षता में नियोजन भवन में हुई बैठक में विधायक किशोर जोरगेवार ने पीने के पानी को पहली प्राथमिकता देने की मांग की।
चंद्रपुर जिले में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। इसी को देखते हुए पानी की किल्लत से निपटने के लिए नियोजन भवन में एक अहम बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता पालकमंत्री प्रा. डॉ. अशोक उईके ने की। इसमें जिले के पानी के स्टॉक, पानी की सप्लाई और आगे की जल योजना पर चर्चा हुई।
बैठक में विधायक किशोर जोरगेवार ने मांग रखी कि नागरिकों के पीने के पानी को सबसे ऊपर रखा जाए। उन्होंने कई उपाय सुझाए। उनके मुताबिक जिले की सभी कोल वॉशरीज का पानी 100 फीसदी बंद कर दिया जाए और जब तक पानी की हालत नहीं सुधरती, ये कारखाने अस्थायी तौर पर बंद रखे जाएं।
जोरगेवार ने कहा कि दूसरे उद्योगों को 30 फीसदी पानी कटौती के निर्देश दिए जा रहे हैं। ऐसे में बहुत ज्यादा पानी इस्तेमाल करने वाली कोल वॉशरीज पर भी सख्त फैसला लेना जरूरी है। इस बारे में उन्होंने पालकमंत्री को लिखित निवेदन भी सौंपा।
चंद्रपुर शहर की पानी की समस्या सुलझाने के लिए जोरगेवार ने एक नया सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि वेकोलि की माना खुली खदान के पानी को वैकल्पिक स्रोत की तरह इस्तेमाल किया जाए। उनकी मांग है कि माना खदान का पानी सीएसटीपीएस औद्योगिक इस्तेमाल के लिए उठाए और उसके बदले इरई बांध का उतना ही पानी चंद्रपुर महानगरपालिका को शहर की पीने की सप्लाई के लिए दिया जाए।
निवेदन में उन्होंने यह भी लिखा है कि इसके लिए जिला प्रशासन, मनपा, सीएसटीपीएस और वेकोलि प्रशासन की संयुक्त बैठक बुलाई जाए और जरूरी सामंजस्य करार यानी MoU की कार्यवाही करने के निर्देश दिए जाएं।
इसके साथ ही जोरगेवार ने आने वाले सिंहस्थ कुंभ पर्व को देखते हुए जिले की नदियों के संगम स्थलों के विकास की मांग की। ये संगम हैं इरई-वर्धा, इरई-झरपट और वर्धा-पैनगंगा। उनका कहना है कि यहां श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित स्नान की व्यवस्था, पक्के घाट, साफ-सफाई और जरूरी बुनियादी सुविधाएं बनाई जाएं।
उन्होंने मांग की कि इन विकास कामों को आने वाली जिला नियोजन समिति की बैठक में शामिल किया जाए और इसके लिए फंड दिया जाए। जोरगेवार ने बैठक में कहा कि सूखे के हालात में मौजूद पानी का असरदार इस्तेमाल, वैकल्पिक जल स्रोतों का उपयोग और आगे की जरूरतों का ध्यान रखकर प्रशासन तुरंत कदम उठाए, ताकि चंद्रपुर शहर को टिकाऊ पानी सप्लाई मिल सके। उन्होंने नदियों पर बंधारे बनाने का काम हाथ में लेने के सुझाव भी दिए।
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