सांगली पुलिस को मिलीं 27 नई गाड़ियां, पालकमंत्री चंद्रकांत पाटील ने किया लोकार्पण
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जिला वार्षिक योजना के 3 करोड़ 19 लाख 62 हजार 543 रुपये से खरीदी गईं गाड़ियां जिला पुलिस मुख्यालय में सौंपी गईं।
सांगली जिले की पुलिस के बेड़े में अब 27 नई गाड़ियां जुड़ गई हैं। पालकमंत्री चंद्रकांत पाटील के हाथों जिला पुलिस मुख्यालय में इन गाड़ियों का लोकार्पण किया गया। ये गाड़ियां जिला वार्षिक योजना के तहत खरीदी गई हैं। कहा गया है कि इनसे इमरजेंसी के हालात में लोगों तक जल्दी मदद पहुंचेगी और कानून-व्यवस्था संभालने के काम में तेजी आएगी।
इन गाड़ियों के लिए जिला नियोजन समिति के साल 2026-27 के फंड से पैसा लगाया गया है। कुल खर्च 3 करोड़ 19 लाख 62 हजार 543 रुपये आया है। पुलिस का आधुनिकीकरण, ट्रैफिक व्यवस्था की मजबूती और अंदरूनी कामकाज को बेहतर बनाना, यही इन्हें देने का मकसद बताया गया है।
गाड़ियों की सूची इस तरह है: दो एक्सयूवी 7 एक्सओ, पांच स्कॉर्पियो, 14 बोलेरो, पांच ट्रैक्स तूफान और एक आयशर ट्रक। ये सभी गाड़ियां पुलिस महासंचालक कार्यालय, महाराष्ट्र राज्य, मुंबई के जरिए सांगली जिला पुलिस को मिली हैं। अलग-अलग तरह की गाड़ियां होने से पुलिस को जरूरत के हिसाब से अलग-अलग जगह जल्दी पहुंचना आसान होगा।
लोकार्पण समारोह में पालकमंत्री चंद्रकांत पाटील के साथ सांसद विशाल पाटील, विधायक सुधीर गाडगीळ, जिलाधिकारी डॉ. मैनाक घोष, पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल नरवाडे और पालकमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी बाळासाहेब यादव मौजूद थे। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी कार्यक्रम में हाजिर थे।
इस मौके पर चंद्रकांत पाटील ने कहा कि पुलिस को मजबूत करने के लिए सरकार की तरफ से कई कदम उठाए जा रहे हैं। जिला वार्षिक योजना से गाड़ियों के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों के लिए निवास और पुलिस स्टेशनों के लिए इमारतें देने पर भी जोर है। उन्होंने साफ किया कि पुलिस को जरूरी बुनियादी सुविधाएं और आधुनिक साधन मिलेंगे तो उनके काम में ज्यादा असर दिखेगा।
नई गाड़ियों से जिले में पुलिस की आवाजाही तेज होगी। हादसा हो, कुदरती आफत हो, इमरजेंसी हो या कानून-व्यवस्था का कोई सवाल खड़ा हो, पुलिस की टीमें मौके पर जल्दी पहुंच सकेंगी। गांव-देहात और दूर-दराज के इलाकों में भी गश्त लगाना और लोगों तक मदद पहुंचाना आसान होगा।
अपराध पर काबू रखने, शक भरी हरकतों पर नजर रखने और लोगों की सुरक्षा के लिए तैयार रहने में भी गाड़ियों का होना अहम माना गया है। पुलिस के पास काफी गाड़ियां और जरूरी सुविधाएं हों तो इमरजेंसी में जवाब देने की रफ्तार बढ़ सकती है। इसी वजह से सांगली जिले में कानून-व्यवस्था को और असरदार ढंग से संभालने के लिए इन 27 गाड़ियों का इस्तेमाल होगा।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।