चंद्रपुर में किन्नर समुदाय के लिए वर्कशॉप, पुलिस बोली- परेशानी हो तो 112 पर कॉल करें
चंद्रपुर के नियोजन भवन में सामाजिक न्याय विभाग और नांदेड की सप्तरंगी सेवाभावी संस्था ने किन्नर समुदाय के लिए वर्कशॉप की। सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
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चंद्रपुर के नियोजन भवन में किन्नर (तृतीयपंथी) समुदाय के लिए एक वर्कशॉप हुई। इसका आयोजन सामाजिक न्याय विभाग, चंद्रपुर और सप्तरंगी सेवाभावी संस्था, नांदेड ने मिलकर किया। वर्कशॉप का मकसद था कि चंद्रपुर जिले में इस समुदाय को समाज की मुख्य धारा में जोड़ा जाए और उनके हक के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़े।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी डॉ. नितीन व्यवहारे ने की। वर्कशॉप में कहा गया कि किन्नरों को सिर्फ हमदर्दी की नज़र से न देखा जाए, बल्कि उन्हें समाज का ऐसा हिस्सा माना जाए जिसके अधिकार बराबर हैं।
मंच पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातकडे, समाजकल्याण विभाग के सहायक आयुक्त विनोद मोहतुरे और सप्तरंगी सेवाभावी संस्था की अध्यक्ष व किन्नर कल्याण महामंडल की सह-अध्यक्ष डॉ. सान्वी जेठवानी मौजूद थे। इनके साथ किन्नर समुदाय के प्रतिनिधि भी आए थे।
डॉ. नितीन व्यवहारे ने बताया कि सरकार किन्नरों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इनके कल्याण के लिए अलग महामंडल बनाया है। सरकारी योजनाओं का फायदा लेने के लिए उन्होंने आधार कार्ड, राशन कार्ड और वोटर रजिस्ट्रेशन जैसे कागज़ात पूरे करवाने की अपील की।
मुख्य मार्गदर्शक डॉ. सान्वी जेठवानी ने अपनी बात में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक 'नालसा' (NALSA) फैसले के बाद किन्नरों की अलग पहचान को कानूनी मान्यता मिल गई है। उनके मुताबिक आज भी कई किन्नर रेलवे स्टेशन या सार्वजनिक जगहों पर गुज़ारा करते दिखते हैं। इसलिए उन्हें मुख्य धारा से दूर रखने के बजाय पढ़ाई, हुनर और रोज़गार के मौके देना ज़रूरी है।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने किन्नरों की उच्च शिक्षा मुफ्त कर दी है। बीज पूंजी योजना के तहत कारोबार के लिए दो लाख रुपये तक के कर्ज की सुविधा भी मिलती है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातकडे ने भरोसा दिलाया कि किन्नरों की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती जैसे क्षेत्र में भी अब किन्नरों को मौका मिल रहा है। अगर उनके साथ नाइंसाफी या छेड़छाड़ हो, तो वे बिना डरे इमरजेंसी मदद के लिए 112 नंबर पर फोन करें।
कार्यक्रम की शुरुआत में समाजकल्याण विभाग के सहायक आयुक्त विनोद मोहतुरे ने प्रस्तावना रखी। संचालन सचिन फुलझेले ने किया। इस मौके पर मेहमानों ने किन्नरों के लिए बनी अलग-अलग योजनाओं की पुस्तिका का विमोचन भी किया।
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