खरगे के बयान पर भड़के मंत्री लोढा, बोले- देश से माफी मांगें
कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री मोदी पर दिए बयान की कड़ी निंदा की।
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मुंबई: कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर जो बयान दिया, उस पर महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढा ने कड़े शब्दों में नाराजगी जताई है। लोढा ने मांग की है कि खरगे अपने इस बयान के लिए देश से माफी मांगें।
इस मामले पर बोलते हुए मंत्री लोढा ने कहा, "विनाशकाले विपरीत बुद्धि।" उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले राहुल गांधी छोटे बच्चों जैसा बर्ताव कर रहे थे। लोढा के मुताबिक खरगे ने जो कुछ कहा, उससे ही दिख गया कि उनकी बुद्धि कितनी है।
लोढा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बड़ी शख्सियत हैं और उनके बारे में इस तरह की बात करना किसी को भी शोभा नहीं देता।
मंत्री ने यह भी साफ किया कि प्रधानमंत्री के बारे में आपत्तिजनक बयान देना सिर्फ एक आदमी का अपमान नहीं है, यह पूरे देश का अपमान है। उन्होंने खरगे को चेताया कि अगर वे अपने बयान के लिए देश से माफी नहीं मांगते, तो जनता उन्हें माफ नहीं करेगी।
इस बयान को लेकर राजनीति गरमा गई है। प्रधानमंत्री मोदी के दिवंगत पिता के बारे में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे की विवादित टिप्पणी पर शिवसेना के सांसद श्रीकांत शिंदे ने भी कड़ा विरोध जताया है।
शिंदे ने कहा कि राजनीतिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन विरोध के नाम पर निजी स्तर पर उतरकर अपमानजनक भाषा बोलना लोकतांत्रिक परंपरा के हिसाब से ठीक नहीं है। इसी बात पर उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर सवाल उठाए।
श्रीकांत शिंदे ने सीधा सवाल भी किया कि इस बयान पर गांधी परिवार चुप क्यों है। उनका कहना था कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व को इस बयान पर अपनी साफ राय रखनी चाहिए। जब बयान लोकतंत्र की हदें पार कर रहा है, तो कांग्रेस का नेतृत्व खामोश क्यों है, यह पूछते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस मामले में आत्मपरीक्षण करना चाहिए।
शिंदे ने यह भी कहा कि मतभेद जताते समय भाषा का स्तर और सार्वजनिक जीवन की शालीनता बनाए रखना जरूरी है। उनके मुताबिक निजी आलोचना की जगह जनता के सवालों पर चर्चा होनी चाहिए।
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