चंद्रपुर के नजूलधारकों को पट्टे दिलाने के लिए जोरगेवार ने बावनकुले से की मुलाकात
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विधायक किशोर जोरगेवार ने मुंबई में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से मुलाकात कर चंद्रपुर के पात्र नजूलधारकों को स्थायी पट्टे देने की मांग की।
चंद्रपुर के नजूलधारकों को पट्टे मिलें, इसके लिए विधायक किशोर जोरगेवार ने मुंबई में राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से मुलाकात की। जोरगेवार ने मांग की कि पात्र नागरिकों को स्थायी पट्टे मिलने में जो अड़चनें आ रही हैं, उन्हें दूर किया जाए। अब इस बात पर नागरिकों की नजर है कि इन मांगों पर सरकार क्या फैसला लेती है।
जोरगेवार ने स्नातक चुनाव की प्रक्रिया खत्म होते ही नजूलधारकों के लंबे समय से अटके सवाल को प्राथमिकता देते हुए काम शुरू किया है। चंद्रपुर शहर के पात्र नजूलधारकों को जमीन के स्थायी पट्टे मिलें और पट्टा बांटने की प्रक्रिया तेज हो, इसी के लिए वे मुंबई में मंत्रालय जाकर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से मिले। इस मुलाकात में उन्होंने पट्टा बांटने की प्रक्रिया की अलग-अलग अड़चनें दूर करने और पात्र नागरिकों को जल्द से जल्द राहत देने की मांग की।
चंद्रपुर शहर के कई नागरिकों का नजूल जमीनों के पट्टे बांटने का मामला काफी समय से लंबित है। इन नागरिकों को उनके हक के पट्टे मिलें, इसके लिए विधायक किशोर जोरगेवार लगातार पीछा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के जरिए इस मुद्दे पर सकारात्मक कार्रवाई हो, इसके लिए उन्होंने अब प्रक्रिया को और तेजी से पूरा करने की मांग की है।
इस मुलाकात के दौरान जोरगेवार ने मांग की कि नजूल जमीनों का ड्रोन सर्वे जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए जाएं। उन्होंने कहा कि सर्वे न होने या प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी की वजह से पात्र नागरिकों के पट्टे अटकने नहीं चाहिए, इसलिए सर्वे का काम प्राथमिकता से पूरा करना जरूरी है। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि जिन नागरिकों के जरूरी कागजात पूरे हो चुके हैं, उनके पट्टे बांटने की प्रक्रिया फौरन शुरू की जाए।
जोरगेवार ने एक अहम मांग यह भी रखी कि पट्टा बांटने की प्रक्रिया तेज करने के लिए एक अलग विभाग बनाया जाए और उसके लिए जरूरी अधिकारी और कर्मचारी उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि इस काम के लिए अलग प्रशासनिक व्यवस्था मिल जाए तो मामलों का निपटारा जल्दी होने में मदद मिलेगी। इन सभी मांगों पर सरकार का फैसला क्या होगा, इसका इंतजार है।
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