सिमेंट रोड नहीं, जलसंधारण पर जोर - राजस्व मंत्री बावनकुळे का अधिकारियों को निर्देश
मुंबई में हुई राज्यस्तरीय बैठक में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने जिला नियोजन समितियों को सूखे के मद्देनजर पानी और जलसंधारण के कामों को प्राथमिकता देने को कहा।
राज्य में सूखे की स्थिति को देखते हुए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने जिला नियोजन समितियों को साफ निर्देश दिए हैं कि निधि बांटते समय सिमेंट रोड और गटर जैसे कामों को छोड़कर पीने के पानी और जलसंधारण के कामों पर ध्यान दिया जाए। मंत्रालय में हुई इस बैठक में बावनकुळे के साथ मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल भी मौजूद थे।
बैठक में राज्य के सभी क्षेत्रीय अधिकारी शामिल हुए। अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और अलग-अलग विभागों के सचिवों के अलावा राज्य के सभी विभागीय आयुक्त, जिलाधिकारी और जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी इसमें उपस्थित रहे।
मंत्री ने सुझाव दिया कि सिमेंट रोड की जगह "शिवकालीन बांध" और जलसंधारण के कामों को प्राथमिकता दी जाए। यह भी तय हुआ कि हर जिले में जो पुराने और बेकार हो चुके भंडारण बांध हैं, उन्हें तुरंत फिर से चालू किया जाए और पीने के पानी की योजनाओं का पुनर्भरण किया जाए। साथ ही प्रशासन को रोजगार हमी योजना (ईजीएस) और खेती से जुड़े कामों पर जोर देने को भी कहा गया है।
पीक पंचनामों को लेकर बावनकुळे ने बेहद सख्त और स्पष्ट सूचनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पंचनामा करते वक्त ग्रामसेवक, कृषि सहायक और तलाठी, तीनों साथ होने चाहिए। सिर्फ डिजिटल तरीके से नहीं, बल्कि खुद खेत पर जाकर भी सर्वे किया जाना चाहिए, ताकि किसानों को यह भरोसा मिले कि उनका नाम पंचनामे में दर्ज हुआ है। इसके लिए पंचनामे की एक तय कार्यपद्धति (एसओपी) बनाई जाए और जो पंचनामे हो चुके हैं, उन्हें जल्द से जल्द ग्रामसभा के सामने रखकर मंजूर कराया जाए, ऐसा निर्देश बावनकुळे ने दिया।
राज्य में बिजली की मांग बढ़ी है, इसलिए मंत्री ने कहा कि जिलाधिकारी महावितरण के अधिकारियों के साथ बैठक करके बिजली का सही नियोजन करें। उन्होंने यह भी कहा कि आंगनवाड़ियों को तुरंत बिजली कनेक्शन दिया जाए और इंजीनियर खुद ग्राउंड पर मौजूद रहें।
सूखे की हालत में लोगों में गुस्सा भड़क सकता है, इसे ध्यान में रखते हुए बावनकुळे ने अधिकारियों से कहा कि अगर सूखा प्रभावित इलाकों में लोग पानी या किसी और मुद्दे पर मोर्चा निकालें, तो अधिकारी खुद उनका निवेदन लें और बातचीत से जल्दी रास्ता निकालें।
मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने राज्य में बारिश और बांधों के पानी की स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बांधों में पानी का भंडार बहुत कम नहीं है, लेकिन भरपूर भी नहीं है। बारिश की कमी से फसलों पर बड़ा असर पड़ेगा और आने वाले दो तीन दिनों में स्थिति और साफ हो जाएगी। इसलिए प्रशासन को अब सूखे और पीने के पानी के नियोजन पर ध्यान देना चाहिए, ऐसा उन्होंने स्पष्ट किया।
राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास खारगे ने डिजिटल क्रॉप सर्वे अपलोड करने की सूचना दी, वहीं ग्रामविकास विभाग के सचिव चंद्रकांत पुलकुंडवार ने पंचनामों की एसओपी और ग्रामसभा की मंजूरी वाली बात का समर्थन किया। बैठक में सभी जिलाधिकारियों ने सूखा निवारण के उपायों और नए प्रोजेक्ट्स को लेकर अपनी राय रखी।