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19:13 IST

चार साल की सेवा के बाद अग्निवीरों को क्या मिलेगा: सेवा निधि, बीमा और नौकरी में आरक्षण

नौसेना के पहले बैच के अग्निवीर 21 नवंबर 2026 को चार साल की सेवा पूरी करेंगे। सरकार ने उनके लिए आर्थिक लाभ और नौकरी के इंतज़ाम गिनाए हैं।

चार साल की सेवा के बाद अग्निवीरों को क्या मिलेगा: सेवा निधि, बीमा और नौकरी में आरक्षण तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती हुए नौजवानों का सफर अब एक नए मोड़ पर पहुंच रहा है। चार साल पहले जब यह योजना घोषित हुई थी, तब पूरे देश में इस पर खूब चर्चा और बहस हुई थी। अब भारतीय नौसेना के अग्निवीरों का पहला बैच 21 नवंबर 2026 को अपनी 4 साल की सेवा पूरी करके बाहर आने वाला है। ऐसे में पूरे देश की नज़र इस पर है कि सेना से लौटने वाले इन नौजवानों के भविष्य का क्या होगा।

योजना के मुताबिक 4 साल बाद करीब 75 प्रतिशत अग्निवीर सेवामुक्त होंगे, जबकि बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले 25 प्रतिशत नौजवानों को सेना में स्थायी किया जाएगा। तीनों सेनाएं रिटेंशन रेट, यानी सेवा अवधि बढ़ाने की दर, बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। इस बारे में सरकार को नया प्रस्ताव भेजने की तैयारी चल रही है। नागरिक जीवन में लौटने वाले नौजवानों के मन में भविष्य को लेकर कई सवाल हैं, और सरकार ने उनके पुनर्वास के लिए जो इंतज़ाम किए हैं, वे इस तरह हैं।

सबसे पहले आर्थिक लाभ की बात। सेवा खत्म होने पर हर रिटायर होने वाले अग्निवीर को कुल मिलाकर करीब 10.04 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज मिलेगा। यह रकम टैक्स से मुक्त रहेगी। इसमें नौजवान का अपना योगदान, सरकार का बराबर का हिस्सा और उस पर मिलने वाला ब्याज शामिल होता है।

सेवा के दौरान अग्निवीरों को 48 लाख रुपये का बीमा कवर मिलता है। यह उनके और उनके परिवार के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच है। इसके अलावा रिटायर होने वाले अग्निवीरों को कौशल प्रमाणपत्र दिया जाएगा, जिससे आगे निजी या सरकारी नौकरी के इंटरव्यू में उन्हें प्राथमिकता मिलने में मदद होगी। हालांकि उन्हें ग्रेच्युटी, पेंशन या मेडिकल और कैंटीन की आजीवन सुविधा नहीं मिलेगी।

रोज़गार के मोर्चे पर सरकार और अलग-अलग मंत्रालय यह पक्का करने की कोशिश कर रहे हैं कि देश की सेवा के चार साल पूरे करने वाले ये नौजवान बेरोज़गार न रहें। गृह मंत्रालय एक खास पोर्टल तैयार कर रहा है, ताकि माजी अग्निवीरों को कॉर्पोरेट और सरकारी क्षेत्र में आसानी से जगह मिल सके। इसके ज़रिए उन्हें नौकरी के कई विकल्प मिलेंगे।

केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) में 50 प्रतिशत आरक्षण रखा गया है। बीएसएफ (BSF), सीआरपीएफ (CRPF), सीआईएसएफ (CISF), आईटीबीपी (ITBP) और असम राइफल्स जैसे बलों में कॉन्स्टेबल (जनरल ड्यूटी) और राइफलमैन के पदों पर माजी अग्निवीरों के लिए 50 प्रतिशत जगहें रिज़र्व हैं। उनके लिए 'पूर्व-अग्निवीर' नाम की नई श्रेणी भी बनाई गई है। इन बलों की भर्ती में माजी अग्निवीरों को शारीरिक मानक परीक्षा (PST), शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) और लिखित परीक्षा से छूट दी जाएगी।

राज्य सरकारें भी पीछे नहीं हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, महाराष्ट्र, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों ने पुलिस और दूसरे विभागों में माजी अग्निवीरों के लिए 10 से 20 प्रतिशत पद रिज़र्व रखे हैं। साथ ही उम्र की सीमा में 3 से 5 साल तक की छूट देने का ऐलान भी किया गया है, जिससे इन नौजवानों को सरकारी नौकरी हासिल करना आसान होगा।

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