रेलवे के सबसे व्यस्त स्टेशनों की लिस्ट जारी, 9.3 करोड़ यात्रियों के साथ ठाणे सबसे ऊपर
भारतीय रेलवे ने सबसे ज्यादा यात्री संख्या वाले 100 स्टेशनों की सूची जारी की है। ठाणे पहले, कल्याण दूसरे और हावड़ा तीसरे नंबर पर है।
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भारतीय रेलवे ने देश के सबसे व्यस्त स्टेशनों की एक लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में मुंबई और उसके आसपास के कई स्टेशन ऊपर के नंबरों पर हैं। सबसे ज्यादा भीड़ ठाणे स्टेशन पर रही, जहां 9.3 करोड़ यात्रियों ने सफर किया।
रेलवे ने सबसे ज्यादा यात्री संख्या वाले 100 स्टेशनों की सूची निकाली है। इसमें ठाणे 9.3 करोड़ यात्रियों के साथ पहले नंबर पर है। उसके बाद 8.3 करोड़ यात्रियों के साथ कल्याण स्टेशन दूसरे नंबर पर आया है, जबकि हावड़ा स्टेशन 6.1 करोड़ यात्रियों के साथ तीसरे नंबर पर है।
मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, यानी CSMT, और सियालदह स्टेशन, दोनों पर 5.1 करोड़-5.1 करोड़ यात्रियों ने सफर किया। पनवेल स्टेशन छठे नंबर पर है और वहां यात्रियों की संख्या 4.5 करोड़ बताई गई है। इसके आगे नई दिल्ली स्टेशन 3.9 करोड़ यात्रियों के साथ सातवें नंबर पर पहुंचा है।
मुंबईकरों के लिए खास ठिकाना माने जाने वाला दादर स्टेशन भी टॉप 10 में है और उसकी यात्री संख्या 3.2 करोड़ है। एमजीआर चेन्नई सेंट्रल भी इसी टॉप 10 में है और वहां यात्रियों की संख्या 3.5 करोड़ है।
लिस्ट में एक बात साफ दिखती है कि सबसे व्यस्त स्टेशनों में बड़ा हिस्सा मुंबई और उसके आसपास का है। ठाणे, कल्याण, मुंबई CSMT, पनवेल और दादर, ये सभी पहले 10 में शामिल हैं। यह मुंबई से होने वाले लंबी दूरी के रेल सफर की बड़ी संख्या को भी दिखाता है।
मुंबई सेंट्रल करीब 2.2 करोड़ यात्रियों के साथ 16वें नंबर पर है। उसके बाद की लिस्ट में तिरुपति (1.37 करोड़), कानपुर सेंट्रल (1.33 करोड़), विशाखापट्टनम (1.33 करोड़), गोरखपुर (1.30 करोड़), तिरुवनंतपुरम सेंट्रल (1.27 करोड़), भुवनेश्वर (1.22 करोड़), आनंद विहार टर्मिनल (1.22 करोड़), भोपाल (1.20 करोड़), वाराणसी (1.15 करोड़), कोझिकोड (1.14 करोड़), मथुरा जंक्शन (1.03 करोड़), कोयंबटूर (1.02 करोड़), नागपुर (1.02 करोड़) और बांद्रा जंक्शन (1.01 करोड़) के नाम हैं।
रेल नेटवर्क पर रोज 24 लाख से ज्यादा लोग सफर करते हैं। भारतीय रेलवे को सबसे सुरक्षित सफर देने वाली रेल सेवा के तौर पर जाना जाता है। रेल नेटवर्क दिनभर में हजारों सेवाएं चलाता है और स्टेशनों से आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या भी लाखों में है। मुंबई के उपनगरीय नेटवर्क से लेकर दिल्ली-हावड़ा जैसे बड़े रूट तक, यह जाल रोज हजारों टन माल की ढुलाई भी करता है।