byteXL को नए फंडिंग राउंड में 9 मिलियन डॉलर मिले, कॉलेजों तक पहुंच बढ़ाएगी कंपनी
शिक्षा और टेक्नोलॉजी में काम करने वाले स्टार्टअप byteXL ने 9 मिलियन अमेरिकी डॉलर, यानी करीब 75 करोड़ रुपये का निवेश जुटाया है।
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भारत में शिक्षा और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करने वाले स्टार्टअप byteXL के लिए खुशखबरी आई है। कंपनी ने हाल ही में हुए फंडिंग राउंड में 9 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश हासिल किया है। यह रकम करीब 75 करोड़ रुपये बताई गई है। इस राउंड में Kalaari Capital और The Michael & Susan Dell Foundation ने पैसा लगाया।
इस राउंड को अहम माना जा रहा है, क्योंकि कंपनी को जुलाई 2024 में भी बड़ा निवेश मिला था। उसके बाद दो साल के अंदर ही इतनी बड़ी रकम मिली है। इसका मतलब है कि निवेशकों को कंपनी पर भरोसा है।
अब सवाल यह कि कंपनी करती क्या है। आजकल बहुत से लोग इंजीनियरिंग की डिग्री तो ले लेते हैं, लेकिन उनके पास वे स्किल्स नहीं होते जो नौकरी में चाहिए। कॉलेज में जो पढ़ाया जाता है और कंपनियों को जो चाहिए, उसके बीच बड़ा फर्क रहता है। byteXL इसी फर्क को भरने का काम कर रही है।
byteXL कॉलेजों के साथ मिलकर काम करती है। अपने खुद के टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म की मदद से वह विद्यार्थियों को पहले साल से ही वह पढ़ाई देती है जो इंडस्ट्री को चाहिए। इसके लिए अलग से कोई क्लास लगाने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि यह चार साल की डिग्री का ही हिस्सा है। इसमें कोडिंग, AI यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नई टेक्नोलॉजी की पढ़ाई कराई जाती है।
Kalaari Capital के पार्टनर संपत पी. ने इस निवेश पर कहा, "हम byteXL में दूसरी बार पैसा लगा रहे हैं। इससे ही पता चलता है कि हमें उनकी टीम पर कितना भरोसा है। उनके काम करने का तरीका बहुत अलग है। वे अपना टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करके कॉलेज के सिस्टम में कोई रुकावट डाले बिना काम करते हैं। उन्होंने टेक्नोलॉजी की पढ़ाई को एक्स्ट्रा कोर्स न रखकर डिग्री का ही हिस्सा बना दिया है, यही उनकी सबसे बड़ी खूबी है।"
Elevar Equity और Dell Foundation ने भी कहा कि भारत में AI और टेक्नोलॉजी स्किल्स की जरूरत तेजी से बढ़ रही है और byteXL यह जरूरत सही तरीके से पूरी कर रही है।
कंपनी के मुताबिक इन 9 मिलियन डॉलर का इस्तेमाल तीन मुख्य कामों के लिए होगा। पहला, देश भर के और ज्यादा कॉलेजों तक पहुंचना। दूसरा, अपने प्लेटफॉर्म में AI के और नए कोर्स जोड़ना। तीसरा, विद्यार्थियों को नौकरी दिलाने के लिए और बड़ा नेटवर्क तैयार करना।
कुल मिलाकर byteXL का मकसद यही है कि इंजीनियरिंग पढ़ने वाले बच्चों को सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि अच्छी नौकरी भी मिले। इस नई फंडिंग से कंपनी अपना यह सपना और तेजी से पूरा कर पाएगी।