ब्याज की राशि से ही मालामाल हो रहा ब्लैकमेलर भागचंदानी
अवैध साहूकारी में है करोड़ों का निवेश, दलालों के माध्यम से चल रहा था रैकेट, जरीपटका में दर्ज प्रकरण में अंतरिम जमानत रद्द
नागपुर.
आरटीआई एक्ट को हथियार बनाकर नागरिकों की फर्जी शिकायत करनेवाला ब्लैकमेलर प्रमोद भागचंदानी करोड़ों में खेल रहा है. इस ब्लैकमेलिंग में शामिल सफेदपोश दलाल ही भागचंदानी के करोड़ों रुपए ब्याज पर चला रहे है. ब्याज के तौर पर ही भागचंदानी को हर माह लाखों रुपए की कमाई होती है. अवैध साहूकारी के इस रैकेट की भी पुलिस से जांच की मांग हो रही है.
भागचंदानी के खिलाफ हाल के दिनों में हफ्ता वसूली सहित 6 मामले दर्ज हुए है. इसके पहले भी उसके खिलाफ हफ्ता वसूली, ठगी और धमकाने के मामले दर्ज है. उसे सबसे पहले 2009 में फर्जी आयकर अधिकारी बनकर शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक से 10 लाख रुपए लेते हुए पकड़ा गया था. इस प्रकरण में उसके रिश्तेदार की भी गिरफ्तारी हुई थी. उस वक्त के आला अधिकारियों ने उसकी पैंट गिली कर दी थी. लेकिन कुछ समय बाद भागचंदानी पून: सक्रिय हो गया था. बीते आठ-दस सालों से उसका आतंक था. जरीपटका, इतवारी, गांधीबाग, महल, सदर आदि इलाकों के व्यापारियों की मनपा, नासुप्र, पुलिस, आयकर, जीएसटी, आबकारी आदि विभाग में शिकायत करके वह हफ्ता वसूली करता था. उसकी इस कदर दहशत थी कि उगाही के पैसे स्विकार करने के लिए कमाल चौक, इंदौरा चौक, भंडारा मार्ग, जरीपटका में अलग-अलग लोगों को तैनात किया था. यह उगाही की राशि स्विकार करने के साथ उस राशि को बाजार में उंचे ब्याज दर पर लोगों को उधार देते थे. जुते-चप्पल विक्रेता के पास ही उसके सात से आठ करोड़ रुपए ब्याज के तौर पर रखे हुए है. उसके माध्यम से ही भागचंदानी ने कई लोगों से उगाही की है. सफेदपोश दलाल भागचंदानी को टारगेट तो दिखाते ही थी साथ में अपने प्रतिद्वंदियों को भी निपटाते थे.
गारमेंट व्यापारी हरीष केवलरमाणी से हफ्ता वसूली के प्रकरण में भागचंदानी को तहसील पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इस प्रकरण की जांच में पुलिस को पुख्ता सबूत मिले है. शनिवार को हिरासत खत्म होने पर उसे पून: अदालत में पेश किया जाएगा. जरीपटका थाने में दर्ज गारमेंट रवि केवलरमानी से 45 हजार रुपए की उगाही के प्रकरण में भी अदालत ने गुरुवार को भागचंदानी की अंतरिम जमानत रद्द कर दी. जिससे इस प्रकरण में भी उसकी गिरफ्तारी होना तय है. जानकारों के अनुसार भागचंदानी और उसके साथियों के शहर में पीड़ितों की संख्या काफी अधिक है. अकेले जरीपटका और पांचपावली थाना परिसर में ही 50 से अधिक लोगों से उगाही की है. उसका एक साथी सरकारी विभाग का सेवानिवृत्त कर्मचारी है. उसके खिलाफ पहले भी मामले दर्ज है. एक प्रकरण में पुलिस को वांछित भी है. नाम बदलकर सक्रिय होने से उसकी गिरफ्तारी नहीं हो रही है. शहर के कुछ ब्लैकमेलकर यूट्यूबर्स और बड़े मराठी अखबार के कर्मचारी भी उसकी उगाही में लिप्त है. मामले दर्ज होने के भय से सभी पीड़ित व्यापारी और पुलिस थानों के चक्कर काट रहे है. वह पीड़ितों से शिकायत नहीं करने की याचना करते हुए रुपये लौटने का बता रहे है.
तहसील थाने में थी भागचंदानी की बैठक
भागचंदानी जिस तहसील थाने की हिरासत में है वहां पहले तक उसकी नियमित बैठक होती थी. उसे थाने में शेखी बघारते हुए कई लोगों ने देखा है. वह पुलिस कर्मियों और लोगों को प्रभावीत करने के लिए पेन और दूसरे गिफ्ट देता था. वह जेब में हमेशा नए नोटों का बंडल रखता था. यह बंडल उसे फटे-पुराने नोट की आड़ में सर्राफा बाजार से हवाला रैकेट चलानेवाले व्यापारी उपलब्ध कराता था. भागचंदानी को हवालात में देखकर पेन और गिफ्ट लेनेवालों के चेहरे का रंग उड़ा हुआ है.